मुंबई(शिब्ली रामपुरी) राज्यसभा के पूर्व सांसद और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना उबेदुल्लाह आज़मी ने कहा कि जब तक शिक्षा नहीं होगी तब तक पॉलिटिक्स में जाने का कोई फायदा नहीं है क्योंकि पॉलिटिक्स में एजुकेशन का होना बहुत ज्यादा जरूरी है. शिक्षित लोग ही पॉलिटिक्स में एक नई राह पैदा कर सकते हैं और लोगों के मुद्दों को भली भांति समझ सकते हैं. जनता के अधिकारों के लिए बेहतर तरह से आवाज बुलंद कर सकते हैं.
मौलाना ओबेदुल्ला आजमी ने एक बातचीत के दौरान कहा कि राजनीति को समझने के लिए तालीम का होना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि शिक्षा के बगैर राजनीति का कोई मतलब ही नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले शिक्षा की तरफ आइए और उसके बाद राजनीति में जाइए ताकि मुकम्मल तौर पर आप संविधान को पढ़ सकें.
पूर्व सांसद मौलाना ओबेदुल्ला आजमी का स्पष्ट तौर पर कहना था कि जो लोग बगैर पढ़े-लिखे राजनीति में जाते हैं उसका बड़ा नुकसान होता है क्योंकि जब तक आपके पास एजुकेशन नहीं होगी आप राजनीति में कोई सफलता हासिल नहीं कर सकते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि जब हमने पॉलिटिक्स शुरू की थी उस समय ऐसा नहीं था उस समय बहुत पढ़े लिखे लोग पॉलिटिक्स में जाते थे और बहुत अच्छे तरीके से वह अपनी बात रखते थे लेकिन आज ऐसा बहुत ही कम देखने को मिलता है और इसके बड़े नुकसानात सामने आ रहे हैं.
मौलाना ओबेदुल्ला आजमी ने कहा कि मुसलमानों के जो घरेलू मामलात हैं कि वह जरा जरा सी बात पर पुलिस थाने तक पहुंच जाते हैं ऐसे मामलों को घर में आपसी सूझबूझ से बैठकर सुलझाया जाना चाहिए. आपसी समझदारी से घरेलू मामलात आसानी से सुलझ सकते हैं.
