हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन के लिए हरिद्वार में संचालित विभिन्न अवस्थापना विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए मेला प्रशासन द्वारा लगातार स्थलीय निरीक्षण किए जा रहे हैं। अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने सोमवार को विभिन्न निर्माण परियोजनाओं का निरीक्षण कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के साथ ही गुणवत्ता के उच्च मानक बनाए रखने के निर्देश दिए।अपर मेलाधिकारी ने खड़खड़ी मार्ग स्थित सूखी नदी पर निर्माणाधीन डबल लेन सेतु का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल के एक पिलर के निर्माण के लिए सीवर लाइन शिफ्टिंग के कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुल निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए ं।इसके उपरांत अपर मेलाधिकारी ने पेयजल निगम द्वारा लालजीवाला आईवेल से पावनधाम होते हुए सूखी नदी तक बिछाई जा रही राइजिंग मेन परियोजना का निरीक्षण किया। परियोजना की लगभग 90प्रतिशत प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने शेष कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। पेयजल निगम के अधिकारियों ने अवगत कराया कि 90.31लाख की लागत वाली इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 1250मीटर लंबी राइजिंग मेन बिछाई जानी है,जिसमें से 1160 मीटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।अपर मेलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बिल्केश्वर मंदिर क्षेत्र का भी निरीक्षण किया।कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों को ‘पैदल यात्रियों के अनुकूल फुटपाथ’ से जोड़ने की प्रस्तावित योजना के अंतर्गत बिल्केश्वर मंदिर क्षेत्र में लगभग 300मीटर लंबे फुटपाथ निर्माण को लेकर वन विभाग, पीआईयू एवं मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया गया।इस योजना के अंतर्गत हरिद्वार शहर में लगभग साढ़े चार किलोमीटर से अधिक लंबाई के पैदल यात्री अनुकूल फुटपाथ विकसित किए जाएंगे।इस परियोजना की अनुमानित लागत 784.05 लाख है।योजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुगम और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।अपर मेलाधिकारी ने अटल बिहारी वाजपेयी अतिथि गृह के अनुरक्षण एवं पुनरोद्धार कार्यों का भी निरीक्षण किया और कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी निर्माण एवं पुनरोद्धार कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से थर्ड पार्टी निरीक्षण कराए जाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान तकनीकी सेल के अभियंता अतुल शांडिल्य सहित पीआईयू,लोक निर्माण विभाग,वन विभाग,पेयजल निगम एवं ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
