लखनऊ ,14 मई । शमशान घाट पर माहौल तब और भी गमगीन हो गया जब ससुर अरविंद बिष्ट ने प्रतीक यादव को मुखाग्नि दी। अपने पति को अंतिम विदाई देते समय अपर्णा फूट-फूटकर रोने लगी। घाट पर मौजूद यादव परिवार के सभी सदस्यों और समर्थकों ने भारी मन से प्रतीक यादव को विदा किया और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। उनके ससुर अरविंद बिष्ट जर्नलिस्ट रह चुके हैं। साथ ही सपा सरकार में राज्य सूचना आयुक्त भी थे।
प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा जब घर से निकली तो सबकी आंखें नम थीं। उनकी पत्नी अपर्णा यादव अपनी दोनों छोटी बेटियों के साथ शमशान घाट पहुंची। अपर्णा यादव अपनी बेटियों को लेकर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज की कार में सवार होकर घाट तक पहुंची। पिता को खोने का गम बेटियों के चेहरों पर साफ झलक रहा था, जिसे देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आई।
प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार लखनऊ के बैकुंठधाम शमशान घाट में किया गया है। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए परिवार और राजनीति से जुड़ी बड़ी हस्तियां वहां पहुंची हैं। अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, धर्मेंद्र यादव और अवधेश प्रसाद के साथ-साथ यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी दुख की इस घड़ी में परिवार को सांत्वना देने वहां पहुंचे हैं।
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेता अपर्णा यादव पति के निधन से पूरी तरह टूट चुकी हैं। बेहद भावुक नजर आ रही अपर्णा ने अपने करीबियों, दोस्तों और शुभचिंतकों से अपील की है कि वे प्रतीक यादव की अंतिम विदाई में शामिल होकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दें। इस मुश्किल समय में भाजपा और समाजवादी पार्टी, दोनों ही दलों के बड़े नेताओं ने अपर्णा से मिलकर उन्हें सांत्वना दी
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव अपने छोटे भाई प्रतीक के निधन के बाद से ही लगातार परिवार के साथ खड़े हुए हैं। भाई के जाने की खबर मिलते ही अखिलेश तुरंत अस्पताल पहुंचे और तब से लेकर पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की हर जिम्मेदारी खुद संभाल रहे हैं। अखिलेश यादव ने भरे मन से याद किया कि प्रतीक हमेशा जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते थे और अपनी मेहनत से समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाने की कोशिश में जुटे रहते थे।
