कोलकाता,14 मई । पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी गुरुवार को वकील की सफेद-काली पोशाक में कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंची हैं। ममता कोर्ट में विधानसभा चुनावों में टीएमसी की करारी हार के बाद शुरू हुए हिंसा के आरोपों से संबंधित एक मामले की सुनवाई पर बहस करेंगी। यह याचिका वरिष्ठ टीएमसी नेता और अधिवक्ता कल्याण बनर्जी के बेटे शिरशन्या बनर्जी ने दायर की है, जो राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालयों पर हमलों से संबंधित है।
ममता के कोर्ट पहुंचने पर टीएमसी ने एक्स पर एक बयान जारी किया है। पार्टी ने लिखा कि ममता बनर्जी स्वयं हाई कोर्ट पहुंचीं, ताकि भाजपा द्वारा बंगाल में चुनाव के बाद फैलाई गई व्यापक हिंसा से जुड़े मामले में बहस कर सकें। पार्टी ने लिखा कि एक बार फिर, ममता ने साबित कर दिया है कि कौन सी बात उन्हें सचमुच सबसे अलग बनाती है और वह बंगाल की जनता को उनकी जरूरत के समय कभी अकेला नहीं छोड़तीं।
बंगाल 4 मई को चुनाव परिणाम की घोषणा होने के बाद हिंसा से थर्रा गया। भाजपा की जीत और टीएमसी की हार के बाद अलग-अलग जिलों में 5 मौत हुई है। कोलकाता समेत कई जिलों में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हुए झगड़े में तोड़फोड़, आगजनी, उपद्रव, बम हमले और हत्या की खबरें आई। सबसे चर्चित घटना 6 मई को घटी, जब अज्ञात हमलावरों ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी।
