सहारनपुर। साध्वी सुश्री पूजा भारती ने कहा कि गुरु ही वह दिव्य ज्योति हैं, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर कर आत्मज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं।
आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुश्री पूजा भारती आज यहां दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में पंत विहार आश्रम में आयोजित साप्ताहिक सत्संग में ज्ञान की अमृत वर्षा कर रही थी। उन्हांेने अपने उद्बोधन में गुरु की शिष्या निवेदिता का प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सच्चा शिष्य वही होता है जो हर परिस्थिति में अपने गुरु की आज्ञा का पालन करता है और उनके मार्गदर्शन पर चलता है। साध्वी ने कहा कि जो शिष्य अपने गुरु की आज्ञाओं से विमुख होकर चलता है, वह सदैव दुखों और विपत्तियों से घिरा रहता है, जबकि जो शिष्य गुरु की आज्ञाओं को सिरोधार्य करता है, वह सदैव गुरु की कृपा का पात्र बनता है और अपने गुरु को प्रसन्न कर पाता है।
उन्होंने कहा कि गुरू ही वह दिव्य ज्योति है जो अज्ञानता को दूर कर आत्मज्ञान का प्रकाश प्रदान करते है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि वे सत्संग और ध्यान के माध्यम से अपने जीवन को आध्यात्मिक दिशा दें। कार्यक्रम में भजन संकीर्तन के माध्यम से पूरा वातावरण भक्तिभाव और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने सत्संग से गहन आत्मिक शांति और प्रेरणा का अनुभव किया। इस अवसर पर सुरेश, शोभित, गुलशन, संजीव, सतीश, राजेन्द्र, मेहरा, अनिरुद्ध, अनुज चैहान, शिवम तथा अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
