हरिद्वार। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज के गौशाला परिसर में गोवर्धन पूजन का पर्व श्रद्धा,भक्ति एवं उत्साह के साथ पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न हुआ।वैदिक मंत्रोच्चार,सांस्कृतिक सज्जा और लोक परंपरा के रंगों में रँगे इस आयोजन में विश्वविद्याल य परिवार,शांतिकुंज निवासीगण एवं प्रशिक्षणार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति युवा आइकॉन डॉ.चिन्मय पण्ड्या ने विधिवत पूजन कर गौ माता की आरती एवं विशेष पूजन सम्पन्न किया।अपने संदेश में उन्होंने श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का स्मरण करते हुए कहा कि गोवर्धन पर्व हमें यह प्रेरणा देता है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों से हम साहस,धैर्य एवं सही निर्णयों के माध्यम से बाहर निकल सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन उठाकर जो आदर्श प्रस्तुत किया,वह आज भी प्रासंगिक है।पूजन स्थल को गाय के गोबर से निर्मित गोवर्धन स्वरूपों एवं पारंपरिक सजावट से विशेष रूप से सुसज्जित किया गया था। पूरे परिसर में भक्ति एवं उल्लास का वातावरण व्याप्त था।इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ.प्रणव पण्ड्या एवं श्रद्धेया शैलदीदी जी ने गोवर्धन पूजन की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।समारोह में कुलपति शरद पारधी,शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि,विभिन्न विभागाध्यक्ष,प्रशिक्षकगण,विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
