नई दिल्ली ,21 जुलाई । राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के सनसनीखेज मामले में सोमवार (20 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। देश के मुख्य न्यायाधीश (ष्टछ्वढ्ढ) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एक बड़ा आदेश पारित किया है। शीर्ष अदालत ने किसी वरिष्ठ ढ्ढक्कस् अधिकारी की अगुवाई में मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (स्ढ्ढञ्ज) का पुनर्गठन करने का सख्त निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल (स्त्र) तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है। उन्होंने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि मामले की जांच तेज गति से जारी है और पुलिस अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
अदालत ने पूछा- फिलहाल किसके हाथों में है जांच की कमान?
मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल से सीधे तौर पर पूछा कि वर्तमान में इस मामले की जांच कौन कर रहा है। इस पर तुषार मेहता ने जवाब देते हुए कहा कि सच्चाई का पता लगाने के लिए ही स्ढ्ढञ्ज बनाई गई थी और अब पुलिस इसकी जांच कर रही है। एसजी ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसी ने अपनी तफ्तीश में पाया है कि यह पूरी तरह से एक संज्ञेय अपराध (कॉग्निजेबल ऑफेंस) है, जिसमें पुलिस को बिना वारंट के गिरफ्तारी करने का अधिकार होता है।
ष्टछ्वढ्ढ की दो टूक- ‘राजनीतिकरण न करें, यह एक साधारण अपराध हैÓ
सुनवाई के दौरान ष्टछ्वढ्ढ सूर्यकांत ने मामले को लेकर हो रही बयानबाजी पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि इस पूरे मुद्दे का किसी भी तरह से राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। चीफ जस्टिस ने सख्त लहजे में कहा कि अदालतें राजनीति करने की जगह नहीं हैं, यह सीधे तौर पर अपराध को अंजाम देने का एक साधारण मामला है। उन्होंने एसजी तुषार मेहता से कहा कि एसआईटी में वरिष्ठ सदस्य शामिल थे, ऐसे में पता करें कि क्या जांच के लिए नई स्ढ्ढञ्ज बनाई जा सकती है, जिस पर एसजी ने सहमति जताते हुए नई टीम बनाकर रिकॉर्ड पर रखने की बात कही। कोर्ट ने साफ किया कि उनका काम केवल यह सुनिश्चित करना है कि मामले की ठीक से जांच हो। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी, जहां उत्तर प्रदेश सरकार अदालत को एसआईटी जांच के बारे में विस्तृत जानकारी देगी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *