सहारनपुर। आपातकाल की वर्षगांठ पर लोकतंत्र सेनानी कल्याण परिषद ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार से उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के समान सम्मान एवं सुविधाएं प्रदान करने की मांग की। परिषद के पदाधिकारियों ने इस संबंध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी अरविंद कुमार चैहान को सौंपा।
जिला संयोजक आचार्य राजेंद्र अटल, जिला अध्यक्ष बलदेव राज जोशी और प्रवक्ता निसार सिद्दीकी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि लोकतंत्र सेनानियों को फ्रीडम फाइटर एक्ट के अंतर्गत मान्यता दी जाए तथा उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों की तर्ज पर सभी सम्मान और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
ज्ञापन में लोकतंत्र सेनानियों को गोल्डन आयुष्मान कार्ड, रेलवे यात्रा सुविधा, सम्मान राशि में वृद्धि, लोकतंत्र सेनानी स्मारक का निर्माण तथा आपातकाल विरोधी संघर्ष को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की प्रमुख मांगें उठाई गईं। परिषद पदाधिकारियों ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले स्वयंसेवकों एवं प्रचारकों के योगदान को भी इतिहास में उचित स्थान और सम्मान मिलना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने और संघर्ष करने वाले सेनानियों का योगदान देश कभी नहीं भूल सकता। ऐसे योद्धाओं को केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की भी आवश्यकता है।
इस अवसर पर गीता राम, सुरेशो, सुभाष चंद्र, मोहम्मद यूसुफ, राजकुमार, अनवर खान, अहमद जमाल, रशीद अहमद, प्रेम सिंह भंडारी, अशोक मित्तल, जमाल गोरी, तहसीन अहमद, डॉ. फैजान शौकत सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
