लखनऊ, 15 मई उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा बाबा साहब अम्बेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के मार्गदर्शी सिद्धांतों में संशोधन करते हुए “बाबा साहब अम्बेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना 2.0” लागू किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि संशोधित योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि वर्तमान योजना को अधिक प्रभावी और समयानुकूल बनाने के उद्देश्य से इसके दिशा-निर्देशों का पुनरीक्षण किया जा रहा है। प्रस्तावित “बाबा साहब अम्बेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना 2.0” के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बहुआयामी एवं बहुउद्देशीय योजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि नई योजना लागू होने के बाद गांवों में रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा तथा स्थानीय स्तर पर सतत आजीविका को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता कम होगी और गांवों में ही आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।उप मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि संशोधित योजना का वित्तीय आकार बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है।सरकार को उम्मीद है कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ग्रामीण अंचलों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ रोजगारपरक परियोजनाओं को गति मिलेगी, जिससे गांवों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
