हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज के संयोजन में निरंजनी अखाड़ा स्थित चरण पादुका मंदिर प्रांगण में गुरू पूर्णिमा पर्व धूमधाम से मनाया गया।इस अवसर पर श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ भी किया।शिविर के माध्यम से कांवड़ लेने आने वाले शिवभक्तों और कांवड़ डयूटी में तैनात पुलिस और प्रशासन के कर्मचारियों को प्रतिदिन नाश्ता और भोजन वितरित किया जाएगा। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपरी महाराज ने जीवन में गुरू के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि जिस ज्ञान की प्राप्ति के बाद मोह उत्पन्न न हो दुखों का शमन हो जाए तथा परब्रह्म अर्थात् स्वयं के स्वरूप की अनुभूति हो जाए।ऐसा ज्ञान गुरु कृपा से ही प्राप्त हो सकता है।गुरु ही जीवन के हर क्षेत्र में शिष्य का मार्गदर्शन करते हैं और उसके चरित्र,व्यवहार और सोच को आकार देते हैं।उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है।यह हमें सिखाता है कि जीवन में हमेशा सही मार्ग दिखाने वाले किसी मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है।इसलिए सभी को अपने गुरु का सम्मान करना चाहिए और उनके बताए मार्ग पर चलकर जीवन को सफल बनाना चाहिए।महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति महाराज ने कहा कि गुरु के ज्ञान का कोई मोल नहीं है।गुरु के अभाव में जीवन शून्य होता है।गुरु अपने शिष्यों से कोई स्वार्थ नहीं रखते हैं,उनका उद्देश्य सभी का कल्याण करना ही होता है।महामंडलेश्वर स्वामी आदि योगी पुरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद पुरी ने कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही गुरुओं की भूमिका काफी अहम रही है।गुरु पूर्णिमा का अर्थ है ज्ञान के स्रोत का सम्मान और उत्सव मनाना।इस अवसर पर नगर पालिका शिवालिक नगर के अध्यक्ष राजीव शर्मा,भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा,जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष राकेश वालिया,डा.विशाल गर्ग,संजीव चौधरी,प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी,वरिष्ठ पत्रकार सुनील दत्त पाण्डेय,वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज गौतम,महंत राज गिरी,स्वामी आलोक गिरी,पंडित अधीर कौशिक ,कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त और संत मौजूद रहे।
