-लगातार बढ़ते सड़क हादसों पर शासन सख्त, सहारनपुर ट्रैफिक पुलिस से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
-हाईवे, एक्सप्रेसवे और शहर के ब्लैक स्पॉट पर कार्रवाई, चालान और सुरक्षा इंतजाम का मांगा गया पूरा ब्यौरा
-तेज रफ्तार, नियमों की अनदेखी और ट्रैफिक प्रबंधन पर उठे सवाल, भविष्य की कार्ययोजना भी देनी होगी
अभिमन्यु वालिया
सहारनपुर। सहारनपुर में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और उनमें हो रही मौतों ने अब शासन की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में 102 लोगों की मौत के बाद डीजी ट्रैफिक कार्यालय ने सहारनपुर यातायात पुलिस को कठघरे में खड़ा करते हुए विस्तृत जवाब तलब किया है। शासन ने साफ पूछा है कि आखिर इतने हादसों का जिम्मेदार कौन है, अब तक क्या कार्रवाई हुई और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस रणनीति बनाई गई है। इस पत्र के बाद जिले की यातायात व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दरअसल, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, सहारनपुर-दिल्ली हाईवे सहित जिले के कई प्रमुख मार्ग लगातार हादसों के केंद्र बने हुए हैं। इन मार्गों पर तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग, यातायात नियमों की अनदेखी और गलत दिशा में वाहन चलाने जैसी वजहें अधिकांश दुर्घटनाओं में सामने आई हैं। इन हादसों ने अनेक परिवारों से उनके अपने छीन लिए, जबकि बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यातायात पुलिस समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालान और प्रवर्तन की कार्रवाई करती रही है। एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी हुई। इसके बावजूद हादसों की संख्या में अपेक्षित कमी नहीं आने से शासन ने पूरी व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, डीजी ट्रैफिक कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र में कई अहम बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। रिपोर्ट में दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण, ब्लैक स्पॉट, सबसे अधिक हादसे वाले स्थान, चालान और प्रवर्तन की कार्रवाई, सड़क सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम, दुर्घटना संभावित स्थलों पर किए गए सुधार कार्य तथा जनजागरूकता अभियानों का पूरा विवरण देने को कहा गया है। इसके साथ ही भविष्य में हादसों को कम करने के लिए बनाई गई कार्ययोजना भी रिपोर्ट में शामिल करनी होगी।
बताया जा रहा है कि शासन के निर्देश के बाद सहारनपुर यातायात पुलिस ने पिछले कुछ महीनों के सड़क हादसों, प्रवर्तन कार्रवाई, चालान, जागरूकता अभियान और सुरक्षा उपायों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर लिया है। रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है, जिसमें दुर्घटनाओं की समीक्षा के साथ आगे की रणनीति भी शामिल है।
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-अफसरों का कहना: सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित मांगी जाती है रिपोर्ट
सहारनपुर। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर शासन स्तर से नियमित रूप से रिपोर्ट मांगी जाती है। यदि किसी जिले में बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं होती हैं तो अलग से भी विस्तृत रिपोर्ट तलब की जाती है। अधिकारियों के अनुसार यह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और शासन को प्रत्येक बिंदु पर तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
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-बंद लिंक रोड भी बढ़ा रहे ट्रैफिक का दबाव
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी के तहत महानगर में कई ऐसे लिंक मार्ग हैं, जिन्हें यातायात पुलिस ने बैरिकेडिंग या अन्य कारणों से बंद कर रखा है। इससे लोगों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ता है और मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। देहरादून रोड पर सतयुग आश्रम इंटर कॉलेज के पास किशनपुरा के सामने का मार्ग इसका प्रमुख उदाहरण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम ने डिवाइडर में कट बनाकर रास्ता उपलब्ध कराया था, लेकिन वह भी बंद है। क्षेत्रवासी नदीम खान और रोमी मल्होत्रा का कहना है कि यदि इन लिंक मार्गों को खोला जाए तो शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को राहत मिलेगी।
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-ट्रैफिक पुलिस का दावा
सहारनपुर। यातायात पुलिस का कहना है कि महानगर, एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सड़क सुरक्षा बढ़ाने, ओवरस्पीडिंग रोकने और लोगों को जागरूक करने के लिए शासन की गाइडलाइन के अनुसार नियमित अभियान संचालित किए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि उसकी प्राथमिकता सड़क हादसों में कमी लाना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
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-वर्जन
-जिले में सड़क हादसों को रोकने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। शासन स्तर से समय-समय पर रिपोर्ट मांगी जाती है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाती है और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं की जानकारी शासन को उपलब्ध कराई जाती है। हमारी प्राथमिकता सड़क हादसों में कमी लाना है।
शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक, सहारनपुर
