हरिद्वार। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा संचालित हर महीने प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम अभियान के अन्तर्गत देश के विभिन्न प्रान्तों में आज 38वें रविवार में ध्वजारोहण,राष्ट्रगीत का गायन,स्मारकों,शहीद स्थलों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों,शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि समर्पित करने के साथ ही आजादी के दीवानों की जीवन गाथाएँ सुनाई गईं।अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क निकट जटवाड़ा पुल ज्वालापुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार ने ध्वजारोहण किया,शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर विद्यालंकार के साथ जितेन्द्र रघुवंशी तथा पत्रकार शशि शर्मा द्वारा माल्यार्पण कर पुष्पांजलियां समर्पित की गईं। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को कालापानी की सजा दिए जाने के वाद पोर्ट ब्लेयर (अब श्री विजय पुरम) अंडमान निकोबार की सेलुलर जेल में दी गई सजा के विभिन्न तरीकों का सजीव उल्लेख करते हुए बताया कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं,उसके लिए भारत माता को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को जिस तरह की यातनाएं सेलुलर जेल में दी जाती थीं,उसे देखकर हृदय विदीर्ण हो जाता है, उन्होंने कहा कि वे भारत सरकार से अनुरोध करेंगे कि समस्त जन प्रतिनिधियों,कार्यपालिका के समस्त अधिकारियों,न्यायपालिका के समस्त न्यायाधीशों तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत सभी पत्रकारों को एक बार सेलुलर जेल देखने के लिए अवश्य भेजना चाहिए,ताकि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों,शहीदों के प्रति जो उपेक्षा प्रदर्शित की जा रही है,उनके अन्दर सम्मान का भाव पैदा किया जा सके,जिन्होंने देश को आजाद कराया।रघुवंशी ने बताया कि श्री विजय पुरम में जो देखा उससे हमारा संकल्प और भी अधिक दृढ़ हुआ है और अब तो झंझावातों को चीरते हुए भी जब तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों को वह सम्मान नहीं मिल जाता जिसके वे सच्चे अर्थों में अधिकारी हैं।पत्रकार शशि शर्मा ने स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा देशभर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद परिवारों को एक सूत्र में पिरोने के अभियान की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि मुझे एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पुत्री होने पर गौरव की अनुभूति हो रही है।चेतना पथ के सम्पादक और साहित्यकार अरुण पाठक ने कहा कि संगठन द्वारा देशभर में जो देशभक्ति की धारा प्रवाहित की जा रही है वह निश्चित रूप से सराहनीय है,किन्तु हमें सरकार से अनुरोध करना चाहिए कि प्रत्येक जिले में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों,गुमनाम शहीदों के जीवन परिचय को माध्यमिक विद्यालय तक के पाठ्यक्रम में उसे शामिल करे,ताकि देश की आजादी का इतिहास उन्हें देशभक्ति से सराबोर कर सके। कार्यक्रम के समापन पर इस बीच स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की दिवंगत हुई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री बलवंत सिंह के पुत्र सुभाष घई,दिनेश शर्मा की पुत्री रश्मि शर्मा तथा रघुनाथ सैनी की पुत्रवधु लीलावती जी की महान आत्माओं की निर्विघ्न विकास यात्रा के लिए 2 मिनट मौन रखकर सामूहिक प्रार्थना की गई।कार्यक्रम में कैलाश वैष्णव,ललित कुमार चौहान,अनुराग सिंह गौतम,आदित्य गहलोत,शिवेंद्र गहलोत,परमेश चौधरी,सुभाष धींगरा,बालकिशन शर्मा,शीश राम सिंह,कमल छाबड़ा,सिद्धार्थ सिंह,जोगिंद्र तनेजा,डॉ.वेद प्रकाश आर्य,राहुल कौशिक,सुनील कुमार चौहान,नरेन्द्र कुमार वर्मा,अशोक कुमार दिवाकर,अशोक चौहान,कर्ण सिंह राणा,श्रीमती मनीषा चौहान,मधुबाला सिंह तथा पद्मा देवी सहित स्थानीय नागरिकों की भी उपस्थिति रही।
