नई दिल्ली ,23 जनवरी । क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब स्थित भारतीय दूतावास पर हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। भारत ने वियना कन्वेंशन का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी देश की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने यहां स्थित विदेशी दूतावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत विरोधी तत्वों ने दूतावास परिसर के बाहर लगे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को हटाकर वहां दूसरा झंडा लगाने की शर्मनाक कोशिश की। मंत्रालय ने इस कृत्य को न सिर्फ गैरकानूनी बल्कि बेहद घिनौना बताया है। भारत ने इस मामले को क्रोएशियाई अधिकारियों के समक्ष गंभीरता से उठाते हुए दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कुछ भारत विरोधी लोगों (खालिस्तानियों) ने दूतावास के बाहर लगे भारत के तिरंगे झंडे को हटा दिया और वहां अपना झंडा लगा दिया। विदेश मंत्रालय ने इस हरकत को घिनौना और गैरकानूनी बताया है। भारत ने क्रोएशियाई अधिकारी से इस मामले की गंभीरता से जांच करने को कहा ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
वियना कन्वेंशन का उल्लंघन बताया
भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि वियना कन्वेंशन के तहत राजनयिक परिसरों की सुरक्षा मेजबान देश की जिम्मेदारी होती है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दूतावासों की गरिमा और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस मुद्दे पर भारत ने क्रोएशिया के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। नई दिल्ली ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं चरमपंथी सोच और उनके खतरनाक इरादों को उजागर करती हैं। विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि क्रोएशियाई सरकार दूतावास की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ऐसे तत्वों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है, जो राजनयिक संस्थानों की सुरक्षा को चुनौती देते हैं।

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