गढ़वाला खाप की पंचायत में दो टूक-धर्मेंद्र मलिक को अकेला समझने की भूल न करें, कचरा माफियाओं की मनमानी नहीं चलेगी
डा० एम ए तोमर
मुजफ्फरनगर। आरडीएफ के नाम पर दिल्ली से आ रहे कचरे को लेकर चल रहे विवाद के बीच भाकियू (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक को निशाना बनाए जाने के विरोध में शनिवार को एसएसपी कार्यालय पर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया गया।गढ़वाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक की अगुवाई में हुई पंचायत में साफ कहा गया कि धर्मेंद्र मलिक को कमजोर या अकेला समझने की गलती न की जाए।बताया गया कि आरडीएफ के जरिए जनपद में आ रहे कचरे के खिलाफ भाकियू (अराजनैतिक) के नेतृत्व में आंदोलन चल रहा है।आंदोलन के दौरान किसानों की गिरफ्तारी और धर्मेंद्र मलिक पर लगाए जा रहे आरोपों से किसान संगठनों में रोष है।शुक्रवार को कचरा कारोबार से जुड़े कुछ लोगों द्वारा पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मलिक पर आरोप लगाए जाने के बाद मामला और गरमा गया।इसी क्रम में धर्मेंद्र मलिक ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराते हुए अपने गले में ‘रंगदार’ लिखी तख्ती पहनकर गांधीगीरी का संदेश दिया और कहा कि यदि उन्हें रंगदार कहा जा रहा है तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार करे।शनिवार को गढ़वाला खाप के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे।इस दौरान ट्रैक्टरों को अंदर ले जाने को लेकर सिविल लाइन पुलिस से किसानों की नोकझोंक भी हुई।बाद में किसान सड़क पर वाहन खड़े कर पंचायत में शामिल हुए।पंचायत में धर्मेंद्र मलिक के समर्थन में नारेबाजी होती रही।पंचायत को संबोधित करते हुए चौधरी राजेंद्र मलिक,किसान नेता मांगेराम त्यागी और दिगंबर सिंह ने कहा कि धर्मेंद्र मलिक को हर वर्ग का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी ने किसान नेता या आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।पंचायत में कचरा माफियाओं के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी दोहराया गया।
