टेक्सास ,21 दिसंबर।  कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो शारीरिक अक्षमताएं कभी भी सपनों के आड़े नहीं आतीं। इस बात को सच साबित कर दिखाया है इंजीनियर मिकाएला बेंथाउस ने। व्हीलचेयर पर जीवन बिता रही 33 वर्षीय मिकाएला ने अंतरिक्ष की ऊंचाइयों को छूकर एक नया इतिहास रच दिया है। वह पैराप्लेजिया (रीढ़ की चोट के कारण व्हीलचेयर पर निर्भरता) होने के बावजूद अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला बन गई हैं। दुनिया के दिग्गज उद्योगपति जेफ बेजोस की कंपनी ‘ब्लू ओरिजिनÓ के न्यू शेपर्ड रॉकेट ने उन्हें पृथ्वी से 100 किलोमीटर ऊपर उस सीमा तक पहुँचाया, जहाँ गुरुत्वाकर्षण पूरी तरह बेअसर हो जाता है।
ब्लू ओरिजिन के इस 16वें मानव मिशन (हृस्-37) ने वेस्ट टेक्सास से सुबह 8:15 बजे उड़ान भरी। इस ऐतिहासिक यात्रा में मिकाएला के साथ पूर्व स्पेस इंजीनियर हांस कोनिग्समैन और चार अन्य अमेरिकी उद्यमी भी शामिल थे। करीब 11 मिनट तक चली इस रोमांचक यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यान ने 100 किलोमीटर (62 मील) की ऊंचाई हासिल की, जिसे ‘कर्मन लाइनÓ कहा जाता है। वहाँ पहुँचकर यात्रियों ने कुछ पलों के लिए भारहीनता यानी जीरो ग्रेविटी का अद्भुत अनुभव किया। यह उड़ान सिर्फ तकनीकी कामयाबी नहीं, बल्कि समावेशिता और मानवीय जिजीविषा की एक मिसाल बन गई है।
यूरोपियन स्पेस एजेंसी (श्वस्) में इंजीनियर के तौर पर कार्यरत मिकाएला की यह उपलब्धि आसान नहीं थी। महज 26 साल की उम्र में माउंटेन बाइकिंग के दौरान हुए एक भीषण हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद से वह व्हीलचेयर पर हैं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी सफल वापसी के बाद भावुक मिकाएला ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे शानदार अनुभव था। उन्होंने दुनिया को संदेश देते हुए कहा कि कभी भी अपने सपनों को नहीं छोड़ना चाहिए, चाहे संभावना कितनी भी कम क्यों न हो। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए दुनिया से दिव्यांग लोगों के लिए सुविधाओं को बढ़ाने और समाज को अधिक समावेशी बनाने की अपील भी की।
जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन का यह मिशन अंतरिक्ष पर्यटन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य अंतरिक्ष यात्रा को आम लोगों के लिए सुलभ बनाना और एलन मस्क की स्पेसएक्स को कड़ी टक्कर देना है। इससे पहले भी ब्लू ओरिजिन मशहूर पॉप सिंगर कैटी पेरी और स्टार ट्रेक अभिनेता विलियम शैटनर जैसी हस्तियों को अंतरिक्ष की सैर करा चुका है। मिकाएला की यह उड़ान साबित करती है कि अंतरिक्ष अब केवल कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर उस व्यक्ति के लिए है जो आसमान छूने का जज्बा रखता है।

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