सहारनपुर। विज्ञान भारती के तत्वावधान में नव्य विज्ञान महोत्सव के अंतर्गत विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में प्राचीन एवं आधुनिक वैज्ञानिकों तथा उनकी खोजो का प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण करने के साथ-साथ विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया।
आईआईटी रुड़की सहारनपुर कैंपस में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने विज्ञान विरासत एवं संस्कृति विरासत का उद्घाटन किया। जेठी शिक्षा का उद्घाटन सहस्त्रांशु कुमार सुमन एवं संयुक्त निदेशक उद्योग श्रीमती अंजू रानी ने किया। वहीं सहारनपुर विरासत का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अरुण कुमार सैक्सेना, पर्यावरण मंत्री उत्तर प्रदेश तथा सुबोध उनियाल, वन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उत्तराखंड द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। विज्ञान प्रदर्शनी में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य राज्यों से आए तकनीकी संस्थानों द्वारा विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। विज्ञान विरासत खंड में प्राचीन एवं आधुनिक वैज्ञानिकों तथा उनकी खोजों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण रहा। सहारनपुर विरासत में राजीव उपाध्याय द्वारा दशकों की मेहनत से तैयार सहारनपुर के पौराणिक इतिहास को दर्शाया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
सभागार में आयोजित “विज्ञान से विकास, आत्मनिर्भर भारत की ओर” कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अरुण कुमार सैक्सेना एवं अति विशिष्ट अतिथि सुबोध उनियाल सहित कुलपति प्रो. विमला बाई, डीन डॉ. मिली पंत, क्षेत्र संगठन मंत्री डॉ. अजय सिंह (महापौर) एवं विभाग प्रचारक आशुतोष द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने राष्ट्र के समक्ष बढ़ती चुनौतियों के समाधान में विज्ञान की भूमिका पर प्रकाश डाला। सुबोध उनियाल ने युवाओं से उच्च शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। डॉ. अरुण कुमार सैक्सेना ने वैज्ञानिक अनुसंधान एवं विकास पर विशेष जोर दिया। क्षेत्र संगठन मंत्री आशुतोष जी ने विज्ञान भारती के परिचय एवं रचनात्मक कार्यों की जानकारी दी।
कुलपति प्रो. विमला बाई एवं डॉ. मिली पंत ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक एवं रचनात्मक सोच विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में पधारे तकनीकी संस्थानों को सम्मानित किया गया। साथ ही डॉ. संजय पलसुले को उनके पलसुले प्रोसेस पेटेंट तथा अरुण कुमार को स्क्रैप मेटल आर्ट के लिए राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किए जाने पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुधाकर अग्रवाल, चेयरमैन इंडियन हब्र्स ने की। प्रख्यात शिक्षाविद् एवं समाजसेवी कुंवर शेखर विजेंद्र ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल एवं रचनात्मक भविष्य की कामना की। मंच संचालन संजीव मित्तल, सुमित ठाठ एवं दीपक अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय किशोर, रविंद्र चैधरी, ललितेश उपाध्याय, प्रवीण भारद्वाज, पंकज अग्रवाल, विभू माहेश्वरी, प्रो. अनिल कुमार, मांगे राम गुप्ता, डॉ. रंजन गुप्ता, ओमपाल सिंह, अजय सैत्री, प्रियंका गुप्ता सहित अनेक लोगों का सक्रिय योगदान रहा।
