डा० एम ए तोमर
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के नेतृत्व तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० सुनील तेवतिया की प्रभावी कार्यशैली और नवाचार आधारित प्रयासों के चलते जनपद स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन के साथ-साथ आमजन को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।राष्ट्रीय टीकाकरण मिशन के अंतर्गत शून्य से एक वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण में जनपद ने 100.41 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है।वहीं जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 90.56 तक पहुंच गया है,जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का प्रमाण है।परिवार नियोजन कार्यक्रम में भी जनपद ने सराहनीय प्रगति की है। 2186 महिला नसबंदी और 67 पुरुष नसबंदी के साथ एनएसवी कार्यक्रम में विशेष उपलब्धियां दर्ज की गई हैं।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० सुनील तेवतिया द्वारा स्वयं 26 पुरुष नसबंदी सफलतापूर्वक कराना उनकी प्रतिबद्धता और सेवा भावना को दर्शाता है।आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अब तक 7,26,989 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं जिससे पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत निश्चित पोषण योजना में 103 प्रतिशत उपलब्धि भी जनपद की प्रभावी कार्यप्रणाली को प्रदर्शित करती है।स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) असेसमेंट सफलतापूर्वक कराया गया है।जनपद के कई प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी मूल्यांकन किया जा चुका है जबकि अन्य केंद्रों का असेसमेंट प्रस्तावित है।नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में भी तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।“बालिका उपवन” जैसी अभिनव पहल के माध्यम से बालिका जन्म पर पौधारोपण कर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को सामाजिक जागरूकता से जोड़ा गया है।यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक चेतना का अनूठा उदाहरण बन रही है।स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एफआरयू के रूप में विकसित किया गया है जिससे गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खतौली में सीटी स्कैन सुविधा को मजबूत करते हुए डिजिटल एक्स-रे मशीन स्थापित की गई है।जनपद में पूर्व में उपलब्ध 4 एक्स-रे मशीनों की संख्या बढ़ाकर 12 किया जाना स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।वर्ष 2025 में भारत सरकार की कॉमन रिव्यू मिशन टीम द्वारा जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण कर यहां संचालित कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं की सराहना की गई थी। यह उपलब्धि जनपद के लिए गौरव का विषय बनी हुई है।इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के चिकित्सकों द्वारा जिला चिकित्सालय में निःशुल्क ओपीडी सेवाएं भी दी जा रही हैं। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० सुनील तेवतिया स्वयं जिला चिकित्सालय एवं सीएचसी सिसौली में मरीजों को परामर्श प्रदान कर रहे हैं।टीबी उन्मूलन अभियान के अंतर्गत पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के माध्यम से कैंप लगाकर मरीजों की पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।इसके अलावा एसटीईएमआई कार्यक्रम के तहत सीएचसी खतौली,बुढ़ाना और जानसठ में हृदय रोगियों के लिए विशेष बेड आरक्षित कर थ्रोम्बोलाइसिस सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल रहा है।लगातार हो रहे इन प्रयासों के परिणामस्वरूप मुजफ्फरनगर जनपद स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में प्रदेश के एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रहा है।

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