तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने तंजावुर में डीएमके महिला मीटिंग के दौरान पीएम मोदी के महिला सुरक्षा पर दिए बयान पर पलटवार किया। इसी के साथ उन्होंने एनडीए गठबंधन को ब्लैकमेल फ्रंट करार दिया। दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में इस साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में वार-पलटवार का दौर जारी है। इस बीच सोमवार (26 जनवरी) को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला और इसे आयकर विभाग और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों के डर से बना ‘ब्लैकमेल गठबंधन’ करार दिया। तंजावुर में डीएमके के महिला क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी द्वारा खुद को कानूनी मामलों से बचाने के लिए बनाया गया एक स्वार्थी गठबंधन है। भाजपा सोचती है कि वे कठपुतलियों के बल पर दिल्ली से तमिलनाडु पर शासन कर सकते हैं, लेकिन जनता उन्हें मुंहतोड़ जवाब देगी। बता दें कि एनडीए में एआईएडीएमके, भाजपा, टीएमसी-एम, आईजेके, पीएमके (अंबुमनी गुट) और कुछ अन्य पार्टियां शामिल हैं।
तमिलनाडु ही भारत का सबसे सुरक्षित राज्य: स्टालिन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमके स्टालिन ने कहा, ‘दो दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु आए और बहुत सारे झूठ बोले। वे दूसरे देशों में जाते हैं और जब भी चुनाव आता है तो भारत आते हैं। अब वे तमिलनाडु आए हैं क्योंकि चुनाव नजदीक हैं। उनके तमिलनाडु आने से पहले मैंने उनसे कुछ सवाल पूछे थे, लेकिन उन्होंने उनका जवाब नहीं दिया और हमेशा की तरह पुरानी बातें कीं और हमें नई बातें बताईं। वे हम पर आरोप लगाते हैं कि तमिलनाडु में महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। प्रधानमंत्री, तमिलनाडु ही भारत का सबसे सुरक्षित राज्य है। तमिलनाडु वह राज्य है जहां दूसरी राज्यों की तरह ही बहुत सारी महिलाएं काम पर जाती हैं।’
महिला सुरक्षा पर स्टालिन का दावा
स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में की गई हालिया टिप्पणियों का खंडन करने के लिए भी इस मंच का उपयोग किया। प्रधानमंत्री के दावों को झूठा प्रचार बताते हुए डीएमके प्रमुख ने एक निजी फर्म की रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि भारत में महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित 25 शहरों में से सात, जिनमें चेन्नई, कोयंबटूर और त्रिची शामिल हैं, तमिलनाडु में स्थित हैं।
भाजपा शासित राज्यों पर लगाया ये आरोप
मुख्यमंत्री ने इसकी तुलना मणिपुर की स्थिति से की, जहां उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार, जिसे उन्होंने “डब्बा इंजन” (तमिल बोलचाल का शब्द जिसका अर्थ अक्सर बेकार होता है) कहा, हिंसा को रोकने में विफल रही, जिसके परिणामस्वरूप कम से कम 260 लोगों की मौत हुई और एक लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे भाजपा शासित राज्यों में नशीली दवाओं का प्रसार हो रहा है, लेकिन तमिलनाडु द्रविड़ आंदोलन और सामाजिक न्याय का गढ़ बना हुआ है।
स्टालिन ने कहा, ‘मैं विपक्ष के झूठे प्रचार का मुकाबला करने के लिए महिलाओं और युवाओं पर भरोसा करता हूं। इसी के साथ उन्होंने सभा में मौजूद महिलाओं को घर-घर जाकर उनके लिए विशेष रूप से बनाई गई कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करने का काम सौंपा। उन्होंने कहा, ‘पुरुष केवल दरवाजे तक ही पहुंच सकते हैं, लेकिन महिलाएं रसोई में प्रवेश कर सकती हैं और दूसरी महिलाओं के दिलों तक पहुंच सकती हैं; महिलाएं ही शक्ति का स्रोत हैं।’
प्रचार यात्रा का होगा आयोजन
उन्होंने यह भी बताया कि 1 फरवरी से 8 मार्च (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस) तक एक प्रचार यात्रा आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम 28 फरवरी तक जनसभाएं भी करेंगे और 8 मार्च को त्रिची में 10 लाख लोगों की उपस्थिति में एक विशाल राजकीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।”
