शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता आदित्य ठाकरे ने सोमवार को कहा कि दावोस में होने वाला विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) नेताओं, निवेशकों और नए विचार देने वालों को एक साथ लाता है। उन्होंने कहा कि यह मंच अपने देश के बिल्डरों और ठेकेदारों से मिलने की जगह नहीं है, जो स्थानीय सरकारों से अनुमति मांगते हैं। आदित्य ठाकरे ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने दावोस जाने वाले मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे केवल उन लोगों से मिलने के ‘बेकार तमाशे’ में न उलझें, जो पहले से उनके संपर्क में हैं, बल्कि दुनिया से जुड़ें। महाराष्ट्र के मंत्री ने कहा कि विश्व आर्थिक मंच में फोटो खिंचवाने या निवेश घोषणाओं की होड़ नहीं है, जबकि यह सार्थक संवाद और सहभागिता का मंच है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे मंच पर स्थानीय शासन से अनुमति चाहने वाले बिल्डरों और ठेकेदारों से मिलने में समय नहीं गंवाना चाहिए। इसके बजाय, उनके संपर्कों का इस्तेमाल राज्य के एजेंडे को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए होना चाहिए।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि अब समझौता (एमओयू) और बड़ी-बड़ी निवेश घोषणाओं के पुराने विचार से आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह सब भारत में एक दशक पहले आकर्षक लगता था।

उन्होंने कहा कि यह वार्षिक बैठक सार्वजनिक नेताओं, निवेशकों, विचारकों और वैज्ञानिकों को एक साथ लाती है, जहां भू-राजनीति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों से जुड़ती है। ऐसे मंच पर स्थानीय बिल्डरों और ठेकेदारों से मिलने में समय नहीं लगाया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने डब्ल्यूईएफ के दौरान 30 लाख करोड़ रुपये के समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनसे उद्योग, सेवा, कृषि और तकनीक जैसे क्षेत्रों में करीब 40 लाख नौकरियां पैदा हो सकती हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने पिछले हफ्ते दावोस से यह जानकारी दी थी। आदित्य ठाकरे ने कहा कि इस मंच का इस्तेमाल दुनिया से जुड़ने और राज्य के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के नेता के तौर पर वह मुख्यमंत्री की आलोचना नहीं करेंगे, अगर दावोस से कोई स्थानीय या भारतीय समझौतों की घोषणा न हो, बशर्ते यह दौरा वैश्विक स्तर पर संवाद के जरिये राष्ट्रीय और राज्य हितों को आगे बढ़ाने में सच में उपयोगी हो।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *