जम्मू/श्रीनगर ,25 जनवरी । जम्मू-कश्मीर में शनिवार को भले ही बारिश और बर्फबारी का दौर थम गया हो, लेकिन आम जनजीवन अभी भी पटरी पर नहीं लौट पाया है। प्रदेश की जीवनरेखा माना जाने वाला 270 किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन भी यातायात के लिए पूरी तरह बंद रहा। हाईवे बंद होने से कश्मीर घाटी का सड़क संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कटा हुआ है। आलम यह है कि हाईवे पर जगह-जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और हजारों लोग बीच रास्ते में फंस गए हैं।
रामबन और उधमपुर में सबसे बुरा हाल
हाईवे बंद होने से सबसे ज्यादा असर रामबन और उधमपुर जिले में देखने को मिल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, केवल रामबन जिले में ही 900 से अधिक वाहन फंसे हुए हैं, जबकि उधमपुर जिले में यह संख्या ढाई हजार के पार पहुंच गई है। इन फंसे हुए वाहनों में स्थानीय नागरिकों के अलावा बड़ी संख्या में पर्यटकों की गाड़ियां भी शामिल हैं। इसके अलावा, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले ट्रकों समेत दो हजार से अधिक अन्य वाहन भी रास्ता खुलने और हरी झंडी मिलने के इंतजार में कतारों में खड़े हैं। प्रशासन के लिए इन वाहनों को निकालना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
यूरिया और नमक से हटाई जा रही है बर्फ
प्रशासन की ओर से मार्ग बहाल करने की कोशिशें युद्धस्तर पर जारी हैं। रामबन जिले में रामसू और बनिहाल के बीच सड़क पर बर्फ जमने से फिसलन काफी बढ़ गई है, जिसे कम करने के लिए यूरिया और नमक का छिड़काव किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग (बनिहाल) के यातायात पुलिस उपाधीक्षक एसपी सिंह ने जानकारी दी है कि बर्फ हटाने का अभियान अंतिम चरण में है और रास्ता खुलते ही सबसे पहले दोनों ओर फंसे वाहनों को निकालने को प्राथमिकता दी जाएगी। इस बीच, सेना, पुलिस और नागरिक प्रशासन ने हाईवे पर फंसे सैकड़ों यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और उनके लिए भोजन व ठहरने का इंतजाम किया है।
ट्रेन बनी सहारा, कल फिर बिगड़ेगा मौसम
जम्मू-श्रीनगर हाईवे के साथ-साथ पुंछ को कश्मीर से जोड़ने वाला मुगल रोड भी बंद है। सड़क मार्ग ठप होने के बीच रेल सेवा यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई है। खराब मौसम के बावजूद ट्रेन के जरिए श्रीनगर के लिए आवाजाही जारी रही, वहीं श्रीनगर हवाई अड्डे से उड़ान सेवाएं भी सुचारु हो गई हैं। हालांकि, राहत ज्यादा देर तक रहने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सोमवार शाम से मंगलवार तक प्रदेश में एक बार फिर बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो सकता है। फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों में बंद हुए संपर्क मार्गों को खोलने का काम भी तेजी से चल रहा है।
