सहारनपुर। सहारनपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वाहनों की फिटनेस सर्टिफिकेट फीस बढ़ोत्तरी का पुरजोर विरोध किया तथा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर विधायक राजीव गुंबर को सौंपा।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है, मंदी, फ्यूल की कीमतें, उच्च टोल टैक्स दरें, गाडियों और पुर्जों की बढ़ी कीमतें, यूरिया की लागत वृद्धि के साथ-साथ बेतहाशा जुर्माना वृद्धि, इंश्योरेंस की बढ़ी दरें आदि से ट्रांसपोर्ट पहले ही त्रस्त है। वहीं अब फिटनेस सर्टिफिकेशन की दरों में बढ़ोत्तरी ट्रांसपोर्टर्स के लिए असहनीय प्रतीत हो रही है। सरकार का यह तर्क कि ज्यादा वृद्धि पुराने वाहनों पर लागू की गई है इसलिए उचित नहीं लगता। क्योंकि ज्यादातर पुराने वाहन छोटी दूरी पर काम करने वाले छोटे ट्रांसपोर्टर्स के हैं और जो कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय की रीढ़ हैं। इन पर खर्च का अतिरिक्त दबाव आखिर में आम जन तक महंगाई के रुप में तो पड़ेगा ही साथ ही अति छोटा ट्रांसपोर्टर इस मार को झेल नहीं पायेगा और काम छोड़ने पर मजबूर हो जाएगा। ड्राइविंग लाइसेंस की सरकारी फीस 1350 लेते है, लेकिन जब से लाइसेन्स प्राइवेट हाथों में गया है, तब से नाजायज पैसे लिए जा रहे हैं। उन्होंने जनहित, व्यापार हित एवं ट्रांसपोर्टर हित को ध्यान में रखते हुए सरकार फिटनेस सर्टिफिकेशन की बढ़ी दरों पर पुनः विचार करने की मांग की है।
