सहारनपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता, सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने कहा कि जब श्री राम मन्दिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देखरेख में किया गया तो फिर घोटाला क्यों और कैसे। यह देश के सनातनियों की भावनाओं पर कुठाराघात है।
अनुमा आचार्य आज यहां पत्रकारों से वार्ता कर रही थी। उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ ठीक है तो चम्पत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों दिलवाये गये। क्या डबल इंजन की सरकार दोषियों को बचा रही है और सुप्रीम कोर्ट की स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच करवाने से भी कतरा रही है। इससे साफ प्रतीत होता है कि श्री राम मंदिर ट्रस्ट का घोटाला कोई छोटा मोटा घोटाला नहीं है। यह सनातनियों की भावनाओं से खिलवाड किया गया है जिसे कांग्रेस कभी बर्दाश्त नहीं की करेगी और इस मामले की जांच करवा कर ही दम लेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब तक इस पर मौन है, अगर सब कुछ पारदर्शी था तो इस्तीफे क्यों हुए, यह सब दोषियों को बचाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जवाब दे कि ट्रस्ट के गठन, शीर्ष नियुक्तियों और प्रशासनिक निगरानी में उनकी सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की क्या भूमिका रही है और इतने गंभीर आरोपों के बाद वे अब तक मौन क्यों है,उन्होंने मांग की कि चंपत राय और अनिल मिश्रा सहित प्रभावशाली लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करायी जाये। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाये। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम किसी राजनैतिक दल की सम्पत्ति नहीं है।वे करोडों भारतीयों की आस्था है। भगवान राम के नाम पर जुटाये गये धन की लूट उस पर पर्दा डालने की हर कोशिश देश की धार्मिक चेतना का अपमान है।
पत्रकार वार्ता में महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी, पूर्व विधायक मसूद अख्तर, सांसद प्रतिनिधि संदीप वर्मा, अनुसूचित जाति के प्रदेश महासचिव अरविंद पालीवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जावेद साबरी, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, जिला उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी नितिन शर्मा, महानगर उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी हरिओम मिश्रा, सेवादल जिला अध्यक्ष इमरान कुरेशी,अमित शर्मा, इरशाद चैधरी, मयंक शर्मा, गुलफाम अंसारी, जिला सचिव कुणाल शांडिल्य, नसीब खान आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे ।
