देहरादून। मेरा युवा भारत (माय भारत),युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय,आइटीबीपी तथा गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास तथा युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज पेज 2कार्यक्रम का शुभांरभ किया गया है।द्वितीय चरण में 115युवा प्रतिभागी शामिल हुए हैं, जो विभिन्न राज्यों की संस्कृति,परंपराओं एवं जीवनशैली की झलक सीमांत क्षेत्रों में प्रस्तुत करेंगे।द्वितीय चरण में गोवा,मेघालय,अरुणाचल प्रदेश,हिमाचल प्रदेश,उड़ीसा,मणिपुर,तेलंगाना,जम्मू कश्मीर से आए युवा प्रतिभागी कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं।इन युवाओं को सीमांत क्षेत्रों की सामाजिक ,सांस्कृतिक एवं विकासात्मक परिस्थितियों को निकटता से जानने और समझने का अवसर प्राप्त होगा।कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 13सीमांत गांवों का चयन किया गया है।प्रत्येक गांव में 7से 8प्रतिभागियों का एक समूह प्रवास करेगा।प्रत्येक समूह के साथ एक जिला युवा अधिकारी तथा एक स्वयंसेवक मार्गदर्शन एवं समन्वय के लिए उपस्थित रहेंगे।प्रतिभागी गांवों में जनजागरूकता,सामुदायिक संवाद एवं विकासोन्मुख गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करेंगे।साथ ही वे स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उनके अनुभवों,चुनौतियों तथा विकास संबंधी आवश्यकताओं को समझेंगे।कार्यक्रम की शुरुआत 14 जून को देहरादून स्थित केनोपी होटल में प्रतिभागियों की रिपोर्टिंग के साथ हुई।रिपोर्टिंग के उपरांत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को कार्यक्रम की अवधारणा,उद्देश्यों एवं महत्ता से अवगत कराया गया।आईटीबीपी शिविर में प्रवास के दौरान सुरक्षा,अनुशासन एवं आवश्यक सावधानियों संबंधी दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।देहरादून शिविर में सभी प्रतिभागियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया,जिसमें सभी प्रतिभागी स्वस्थ पाए गए।इसके पश्चात 15जून को प्रातः 7ः30बजे प्रतिभागियों के एक दल को उत्तरकाशी जनपद तथा प्रातः 10ः30बजे दूसरे दल को चमोली जनपद के लिए रवाना किया गया।प्रतिभागी 21जून तक सीमांत गांवों में प्रवास करेंगे।इस अवधि में वे स्थानीय समुदायों की जीवनशैली,चुनौतियों,विकास संबंधी आवश्यकताओं तथा सीमांत क्षेत्रों की विशिष्ट परिस्थितियों का अध्ययन करेंगे और विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों में सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर माय भारत देहरादून के उप निदेशक मोनिका नांदल तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के डिप्टी कमांडेंट उज्जवल भी उपस्थित रहे।
