उद्योगपति राज्य के आर्थिक विकास की रीढ है- सुबोध उनियाल
उत्तराखंड में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण-सुधांशु
देहरादून। देहरादून में एक स्थानीय होटल में आयोजित गरिमा पूर्ण समारोह में कुमाऊं गढ़वाल चौंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केजीसीसीआई) के गढ़वाल चैप्टर की स्थापना की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु ने दीप प्रज्जवलन कर किया।उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु ने गढ़वाल चैप्टर के नव नियुक्त अध्यक्ष मनमोहन भारद्वाज और उनकी टीम के 19सदस्यों को केजीसीसीआई की सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान किये।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड में शुरू से ही उद्योगों के प्रति राज्य की सरकार का सकारात्मक एवं सहयोगात्मक रवैया रहा है इसीलिए उत्तराखंड में देश-विदेश से बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने उद्योग स्थापित किए हैं उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने 1लाख करोड रुपए के उद्योग धरातल पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया उन्होंने कहा कि उद्योग राज्य के आर्थिक विकास की रीढ होते हैं।उत्तराखंड शासन के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने कहा कि उत्तराखंड में उद्योगों के स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण है और इसलिए राज्य में तेजी के साथ औद्योगिकरण हुआ।केजीसीसीआई के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के औद्योगिक विकास के लिए राज्य में कानून व्यवस्था दुरुस्त है और उद्योगपतियों को अच्छा वातावरण मिल रहा है,उन्होंने कहा कि हम अपने संगठन का विस्तार गढ़वाल मंडल में व्यापक स्तर पर करेंगे।केजीसीसीआई हे गढ़वाल चैप्टर के अध्यक्ष मनमोहन भारद्वाज ने कहा कि गढ़वाल मंडल में संगठन का विस्तार किया जाएगा और औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार को उनका संगठन पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।इस अवसर पर पूरे प्रदेश से डेढ़ सौ से ज्यादा उद्योगपतियों ने भाग लिया।कुमाऊं गढ़वाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (केजीसीसीआई) के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने कहा केजीसीसीआई उत्तराखण्ड की सबसे पुरानी एवं अग्रणी औद्योगिक संस्था के रूप में स्थापित है और राज्य के औद्योगिक विकास में निरंतर महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है।उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य गठन के पश्चात वर्ष 2003 में केंद्र सरकार द्वारा राज्य को विशेष औद्योगिक पैकेज प्रदान किए जाने में भी केजीसीसीआई की महत्वपूर्ण भूमिका रही।संस्था उद्योगों एवं राज्य तथा केंद्र सरकार के मध्य एक प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करते हुए उद्योगों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाती रही है।संस्था सदैव उद्योगों के हितों की सुरक्षा, संरक्षण एवं उनके समग्र विकास हेतु प्रतिबद्ध रही है।इसके अतिरिक्त,चैम्बर द्वारा समय- समय पर उद्योगों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों के साथ सेमिनार,कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।सदस्यों को सरकारी नियमों,अधिसूचनाओं, नीतियों एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों से नियमित रूप से अवगत कराया जाता है।श्री अग्रवाल ने कहा कि लंबे समय से यह आवश्यकता महसूस की जा रही थी कि गढ़वाल क्षेत्र के उद्योगों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान तथा क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करने हेतु केजीसीसीआई के एक समर्पित“गढ़वाल जोन चैप्टर”की स्थापना की जाए।इस महत्वपूर्ण पहल को औपचारिक रूप प्रदान किया गया।सुबोध उनियाल,कैबिनेट मंत्री एवं आर.के.सुधांशु,द्वारा केजीसीसीआई के गढ़वाल जोन के नए सदस्यों को सदस्यता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देहरादून में गढ़वाल जोन चैप्टर की स्थापना उद्योगों एवं राज्य सरकार के मध्य बेहतर समन्वय,संवाद एवं सहयोग को और अधिक सशक्त बनाएगी तथा गढ़वाल क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। श्री अग्रवाल ने कहा कि उद्योग राज्य के आर्थिक विकास,राजस्व वृद्धि एवं बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने आश्वस्त किया कि केजीसीसीआई भविष्य में भी उद्योगों एवं सरकार के मध्य एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य करते हुए उत्तराखण्ड राज्य के औद्योगिक विकास,प्रगति एवं समृद्धि के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।इस अवसर पर केजीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश कुमार मिश्रा,महासचिव नितिन अग्रवाल,चेयरमैन गढ़वाल जोन मनमोहन भारद्वाज,कोषाध्यक्ष अंकित बंसल,निवर्तमान अध्यक्ष अशोक बंसल सहित अनेक उद्योगपति एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
