हरिद्वार। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के मार्गदर्शन में विश्वभर के लगभग 5करोड़ गायत्री परिवार के साधकों ने अपने-अपने घरों में सामूहिक रूप से गायत्री यज्ञ संपन्न किया।यह विराट आयोजन आध्यात्मिक एकता,वैश्विक शांति और सद्भावना का अद्भुत उदाहरण बनकर उभरा।इस अवसर पर शांतिकुंज की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैल दीदी ने देश-विदेश में जुड़े गायत्री परिवार के सदस्यों को पत्र लिखकर बुद्ध पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व का स्मरण कराया तथा यज्ञ के माध्यम से आत्मशुद्धि,सद्बुद्धि और विश्वकल्याण की भावना को जागृत करने का आह्वान किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का यह प्रयास केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है,वरन् यह मानवता में सद्भाव,नैतिकता और जागरूकता के संकल्प को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है।उन्होंने कहा कि इसी दिन भगवान गौतम बुद्ध को आत्मज्ञान की प्राप्ति हुई थी और यह दिन आत्मचिंतन,साधना और करुणा के प्रसार का प्रतीक माना जाता है।शांतिकुंज मीडिया विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार विगत कई वर्षों से बुद्ध पूर्णिमा पर यह सामूहिक यज्ञ आयोजन किया जा रहा है,जिसमें देश-विदेश के करोड़ों साधक एक ही समय पर यज्ञ कर वैश्विक सकारात्मक ऊर्जा के संचार का संकल्प लेते हैं।देवसंस्कृति की गौरवशाली परंपरा को आधुनिकता से जोड़ते हुए शांतिकुंज की ब्रह्मवादिनी बहनों ने ऑनलाइन माध्यम से भव्य यज्ञ संपन्न कराकर तकनीक के जरिए घर-घर अध्यात्म का संदेश पहुँचाया।वहीँ विदेश प्रवास पर रहे देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ.चिन्मय पंड्या ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर विदेशी धरती पर गायत्री यज्ञ संपन्न कराया।यह आयोजन सनातन संस्कृति के वैश्विक विस्तार करने के साथ ही भगवान बुद्ध के शांति संदेश और गायत्री की प्रज्ञा शक्ति के अनूठे संगम को भी प्रस्तुत करता है।यह आयोजन‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को साकार करने की दिशा में एक सशक्त आध्यात्मिक प्रयास माना जा रहा है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *