हरिद्वार। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही।हड़ताल के चलते पीडब्ल्यूडी,एचआरडीए,जल निगम,सिंचाई,पेयजल और निर्माण समेत 18विभागों के हजारों इंजीनियर कार्य से विरत रहे, जिससे विभिन्न विभागों का कामकाज ठप पड़ गया और कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। मायापुर स्थित लोक निर्माण विभाग कार्यालय में कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर 27सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।कर्मचारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है,जिससे उनमें आक्रोश बढ़ता जा रहा है।धरने को संबोधित करते हुए कीर्तिवर्धन नेगी और डा.चंद्रलाल भारती ने कहा कि लंबे समय से वेतन विसंगतियों के निस्तारण,10,16 और 26वर्ष में प्रोन्नत वेतनमान,पेंशन व्यवस्था में सुधार और 10वर्षों में 5400ग्रेड पे जैसी मांगें लंबित हैं। कई बार ज्ञापन देने के बावजूद समाधान न होने पर उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है । संदीप उनियाल और शिवानी ने बताया कि महासंघ की ओर से लगातार शासन-प्रशासन से वार्ता की कोशिश की गई,लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं हड़ताल जारी रहेगी,हड़ताल के कारण विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। कई परियोजनाओं की प्रगति धीमी पड़ गई है,जिससे आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।धरने में अंशिका अग्रवाल,कीर्तिका,शिवानी,रिया सैनी,शबाना,प्रिया सैनी,रेनू सैनी,शिल्पी,प्रशांत सेमवाल,टीएस पवार,संदीप उनियाल,प्रभात,सीएल भारती,पंकज शर्मा,सुनील कुमार,आकाश कुमार,आकाश जगूड़ी,राकेश कुमार,देवेंद्र कुमार,टीआर गौतम,आलोक सिंह, इंजीनियर अमित कुमार,नगमा,दीपू मौर्य, अमित सैनी,अरविंद जोशी,उपेंद्र कुमार,अरविंद सिंह रावत,पंकज धीर सिंह,मनमोहन सिंह,प्रवेश कुमार,अरविंद सतवारिया,अजीत सिंह कालरा,जैनेंद्र कुमार, दिग्विजय सिंह पुंडीर, प्रतीक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
