सहारनपुर। महानगर की पीपल वाली गली स्थित तेलियों वाली मस्जिद में रमजानुल मुबारक की 21वीं शब में नमाज तरावीह के दौरान कुरआन पाक मुकम्मल किया गया। नमाज तरावीह में कुरआन शरीफ सुनाने की सआदत हाफिज उमर अली को हासिल हुई, जबकि समाअत मस्जिद के इमाम हाफिज अरशद अली ने की।
कुरआन मुकम्मल होने के मौके पर मस्जिद में आयोजित दुआ के प्रोग्राम में हाफिज अरशद अली ने बयान करते हुए रमजान की फजीलत और कुरआन करीम की अजमत पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना रहमत, मगफिरत और जहन्नम से निजात का महीना है। इसी महीने में अल्लाह तआला ने इंसानियत की रहनुमाई के लिए कुरआन करीम नाजिल फरमाया, जो कयामत तक के लिए पूरी इंसानियत के लिए हिदायत का जरिया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वे रमजान के महीने की कद्र करें और खासतौर पर आखिरी अशरे में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, क्योंकि इन्हीं रातों में शबे कद्र जैसी अजीम और बरकत वाली रात आती है, जो हजार महीनों से बेहतर बताई गई है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे रमजान के बाद भी अपनी जिंदगी में नमाज, रोजा, तिलावत और नेक कामों को जारी रखें और समाज में भाईचारा, अमन और मोहब्बत का पैगाम फैलाएं। कार्यक्रम के अंत में हजरत मौलाना आस मुहम्मद ने दुआ कराई। उन्होंने दुआ में अल्लाह तआला से मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। इस मौके पर तंजीन रिजवान, सपा नेता फैसल सलमानी, अब्दुल मतीन, हाजी अरशद, हाजी तस्लीमा, हाजी अब्दुर रहमान, साजिद, आबिद, आसिफ, हाफिज अयान, मौलाना नदीम और सरफराज अंसारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
