रायपुर, 22 जनवरी । छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने यौमे जम्हूरिया (गणतंत्र दिवस) के अवसर पर राज्यभर की सभी मस्जिद, मदरसा और दरगाह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के निर्देश जारी किए हैं। वक्फ बोर्ड द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस वर्ष 26 जनवरी 2026 को देश में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राज्य की सभी मस्जिद, मदरसा और दरगाह के मुख्य द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज ने अपील की है कि, यौमे जम्हूरिया (गणतंत्र दिवस) के महत्व को समझते हुए इस पर्व को देशभक्ति, आपसी एकता और भाईचारे के साथ मनाएं।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि प्रदेशभर में वक्फ बोर्ड से जुड़ी सभी पर यह अनिवार्य होगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश की कुल 8,232 वक्फ संपत्तियों और स्थलों पर एक साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। और सभी स्थानों पर लोगों को मिठाई भी वितरित की जाएगी? ताकि गणतंत्र दिवस को उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा सके. वक्फ बोर्ड से जुड़े सभी कार्यालयों को विशेष रूप से सजाया जाएगा।
‘जो लोग ध्वजारोहण के खिलाफ हैं वो देशभक्त नहींÓ
डॉ. सलीम ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। हमारा देश सूफ़ी-संतों का देश है, यहां हर जाति, धर्म, पंथ, समाज के लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब के साथ मिल-जुल कर रहते हैं। इस्लाम धर्म, मुल्क से मोहब्बत का पैगाम देता है इसलिए मुल्क की जम्हूरियत के इस पर्व पर देश के प्रति अपना प्रेम और संविधान के प्रति अपना कर्तव्य निभाते हुए ध्वजारोहण करना चाहिए। जो लोग ध्वजारोहण के खिलाफ हैं वो देशभक्त नहीं है बल्कि देशद्रोही है ऐसे लोगों को देश में रहने का कोई अधिकार नहीं हैं उन्हें भारत छोड़कर चले जाना चाहिए, जिन्हें तिरंगा फहराने से तकलीफ होती है।
डॉ.राज ने आगे यह भी कहा कि, भारत का मुसलमान वतन परस्त है और अपने देश से मोहब्बत करता है और देश के संविधान का हृदय से सम्मान करता है, लेकिन कुछ नामनिहाद मुसलमानो की वजह से बाकीयो को भी शक की निगाहों से देखा जाता है, हमें ऐसे नामनिहाद लोगों से बचना है और देश की जम्हूरियत के पर्व को एक साथ मिल-जुल के मनाकर देश की गंगा-जमुना तहज़ीब को कायम रखना है और देश के संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा व आदर सदैव बनाये रखना है।
