नई दिल्ली ,17 जनवरी । केंद्र सरकार ने नए ऑनलाइन गेमिंग कानून के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 242 ऑनलाइन बेटिंग और जुए से जुड़ी वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया है। इन प्लेटफॉर्म्स पर अवैध रूप से ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ संचालित किया जा रहा था। सरकार द्वारा पिछले वर्ष लागू किए गए ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के बाद यह एक अहम कदम माना जा रहा है। अब तक कुल 7800 से अधिक अवैध बेटिंग और गेम्बलिंग वेबसाइट्स को बंद किया जा चुका है।
सरकार ने बीते साल ऑनलाइन गेमिंग एक्ट को पारित किया था, जिसका उद्देश्य अवैध सट्टेबाजी और जुए पर प्रभावी रोक लगाना है। इस कानून के संसद में पेश होते ही ष्ठह्म्द्गड्डद्व 11, रू4 11 ष्टद्बह्म्ष्द्यद्ग और रूक्करु जैसे कई प्रमुख गेमिंग प्लेटफॉर्म्स ने अपने रियल मनी प्रेडिक्शन गेम्स को बंद करने का निर्णय लिया था। एक्ट लागू होने के बाद यह सरकार की एक और सख्त कार्रवाई है।
युवाओं और आम लोगों में ऑनलाइन जुए की बढ़ती लत को देखते हुए सरकार ने यह विधेयक सदन में पेश किया था, जो बाद में कानून का रूप ले चुका है। ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने से पहले भी सरकार ने वर्ष 2022 में लगभग 1400 अवैध बेटिंग और जुए से जुड़ी वेबसाइट्स पर कार्रवाई की थी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय लगातार ऐसे ऐप्स और वेबसाइट्स पर निगरानी रख रहा है, जो गैरकानूनी तरीके से जुए और सट्टेबाजी को बढ़ावा देते हैं।
इस कानून को ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन अधिनियम 2025 के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसे पिछले साल मंजूरी मिली थी। अधिनियम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और बच्चों में पनप रही जुए की लत पर नियंत्रण पाना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद कई रियल मनी गेम्स सट्टेबाजी को बढ़ावा देते हैं, जिन्हें नियंत्रित करना जरूरी माना गया।
इस अधिनियम के तहत अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े गेमिंग ऐप्स और वेबसाइट्स पर रोक लगाई जाती है, ताकि देश में सुरक्षित और जिम्मेदार ई-गेमिंग को प्रोत्साहित किया जा सके। ई-गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स में किसी भी प्रकार के वास्तविक धन का लेन-देन नहीं होता और यह खिलाड़ियों की कौशल क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित होते हैं।
हालांकि, कुछ वेबसाइट्स और ऐप्स ई-गेमिंग या ई-स्पोर्ट्स की आड़ में अवैध जुए और सट्टेबाजी को बढ़ावा देती हैं। नए ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के जरिए ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है, ताकि डिजिटल गेमिंग इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाया जा सके।

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