गांधीनगर ,06 जनवरी । गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पानी पीने से कोहराम मच गया है। शहर के कई इलाकों में गंदा पानी पीने की वजह से बड़ी संख्या में लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। इस प्रकोप का सबसे दुखद पहलू सोमवार सुबह सामने आया, जब सिविल अस्पताल में भर्ती एक 7 साल की बच्ची काजल कनौजिया की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
15 दिन से जिंदगी की जंग लड़ रही थी काजल
मृतक बच्ची के माता-पिता ने बताया कि काजल पिछले 15 दिनों से बीमार चल रही थी। शुरुआती जांच में ही उसे टाइफाइड होने की पुष्टि हो गई थी। हालत बिगड़ने पर उसे चार दिन पहले सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज सुबह उसने दम तोड़ दिया। सिविल अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट ने जानकारी दी कि अस्पताल में अभी भी करीब 150 मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इनमें से दो मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
सेक्टर 24, 26 और 29 में सबसे बुरा हाल
दूषित पानी का सबसे ज्यादा असर गांधीनगर के सेक्टर 24, 26 और 29 में देखने को मिल रहा है। इन इलाकों के निवासियों ने बताया कि नलों से गंदा पानी आ रहा है, जिसे पीने से लोग टाइफाइड और पेट की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों में 100 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ने से अभिभावकों में दहशत का माहौल है।
प्रशासन की नींद टूटी, लीकेज ठीक करने का काम शुरू
इतनी बड़ी तादाद में लोगों के बीमार होने और एक बच्ची की जान जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। नगर निगम और जलापूर्ति विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में पाइपलाइनों के लीकेज ढूंढकर उनकी मरम्मत में जुट गई हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित सेक्टरों में मेडिकल कैंप लगाए हैं और घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लोगों के बीच क्लोरीन की गोलियां भी बांटी जा रही हैं और उन्हें पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।

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