डाo एम ए तोमर
मुज़फ्फरनगर। प्रभागीय निदेशक राजीव कुमार के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने हस्तिनापुर वन्य जीव अभयारण्य क्षेत्र में एक बाहरी राज्य (उत्तराखंड) के शिकारी को अवैध शिकार करते रंगेहाथों पकड़ लिया।आरोपी अभयारण्य में नाव के जरिए घुसपैठ कर संरक्षित वन्य जीवों का शिकार कर रहा था।वन विभाग की टीम ने मौके से एक नाव,जाल,रस्सी में बंधे कांटे और एक संरक्षित पक्षी ब्लैक कॉर्मोरेंट (जल कव्वा) बरामद किया।बरामद पक्षी को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में पुनः छोड़ दिया गया जबकि पकड़ी गई मछलियों को भी पानी में वापस छोड़ दिया गया।अवैध शिकार में प्रयुक्त नाव,जाल व अन्य सामग्री को वन विभाग ने जब्त कर लिया है।आरोपी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की सख्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश कर उसे भेज दिया गया।वन विभाग मामले की गहन जांच कर रहा है ताकि आरोपी के किसी अंतर्राज्यीय शिकार नेटवर्क से संबंधों का भी पता लगाया जा सके।वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अवैध शिकार, प्राकृतिक संसाधनों का दोहन या वन्य जीवों के प्रति क्रूरता न करें।वन्य जीव हमारी धरोहर हैं उनका संरक्षण ही हमारे भविष्य की सुरक्षा है।किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत निकटतम वन विभाग कार्यालय को दें। मां विभाग ने चेतावनी देते हुए बताया कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत अवैध शिकार गैर-जमानती गंभीर अपराध है जिसके लिए 3 से 7 वर्ष तक कारावास एवं जुर्माने का प्रावधान है।वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

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