जयपुर। जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी (जेकेएलयू) में आयोजित जयपुर डिज़ाइन वीक 2026 का सफल समापन हो गया। यह कार्यक्रम 4 अप्रैल से 11 अप्रैल तक राजस्थान के जयपुर में मेक इट मैक्स थीम के साथ आयोजित किया गया। इस दौरान यूनिवर्सिटी का कैंपस एक ऐसा मंच बन गया, जहां छात्र, शिक्षक और विशेषज्ञ डिजाइन के नए विचारों पर चर्चा, प्रयोग और सहयोग करते नजर आए।
कार्यक्रम के पहले दिन की शुरुआत मल्टी-अवार्ड विनिंग एनीमेशन फिल्म डायरेक्टर सुरेश एरियाट के कीनोट और वर्कशॉप से हुई। इसके बाद कलाकार अभिजीत पॉल और माइक्रोसॉफ्ट की सीनियर यू एक्स डिजाइनर बिंदिया मुतुम के साथ क्रिएटिव सेशन्स हुए। डिजाइनर चंद्रशेखर भेड़ा ने भेड़ा फ्राय नाम से डिजाइन पर एक स्टैंड-अप कॉमेडी भी पेश की।
स्वागत भाषण देते हुए जेकेएलयू के वाइस चांसलर डॉ. विजयशेखर चेल्लाबोइना ने कहा, जयपुर डिज़ाइन वीक 2026 ने एक बार फिर दिखाया है कि डिजाइन शिक्षा सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अनुभव है जो मिलकर सीखने और जिम्मेदार भविष्य के क्रिएटर्स तैयार करने में मदद करता है।
थॉटस्पॉट सीरीज़ में पेप्सिको इंडिया की तनु सिन्हा, डिजाइनर पॉल संदीप, सुहासिनी पॉल और गजेश मितकारी जैसे विशेषज्ञ शामिल हुए। इस दौरान अशोक चटर्जी द्वारा लिखी गई ‘जवाजाÓ पर आधारित किताब का लॉन्च भी किया गया, जिसमें डिजाइन, संस्कृति, कहानी कहने और समाज पर उसके प्रभाव पर चर्चा हुई।
ओपन स्टूडियोज़ में पद्मश्री कठपुतली कलाकार दादी पुदुमजी सहित कई विशेषज्ञों ने छात्रों को सिखाया। इसके अलावा मार्गी सास्त्री, राधिका गुप्ता, काव्या अग्रवाल और जिष्णु रॉय जैसे एक्सपर्ट्स ने भी सेशन्स लिए। आयुष कसलीवाल, सुदेबी ठाकुराता और सुमित बरुआह ने डिजाइन के अलग-अलग पहलुओं पर 3 घंटे की वर्कशॉप्स कराईं।
इस साल उभरते डिज़ाइन टैलेंट को सम्मानित करते हुए मुबासिराह खालिद खत्री को इमर्जिंग डिज़ाइनर ऑफ द ईयर अवॉर्ड दिया गया। वह अज्रख कला की पहली महिला कारीगर हैं और फोर्ब्स इंडिया की 30 अंडर 30 लिस्ट में भी शामिल रही हैं।
जेकेएलयू में आयोजित इस बार का जयपुर डिज़ाइन वीक एक ऐसा मंच साबित हुआ, जहां अलग-अलग क्षेत्रों के लोग एक साथ आए और नए विचारों को साझा करने के साथ-साथ उन्हें समझने और आगे बढ़ाने का मौका मिला। एनीमेशन, यू एक्स डिजाइन, इंडस्ट्री प्रैक्टिस, ब्रांडिंग, कठपुतली कला और हस्तशिल्प जैसे कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने इसमें हिस्सा लिया।
इंस्टिट्यूट ऑफ डिज़ाइन, जेकेएलयू के डायरेक्टर ए. बालासुब्रमण्यम ने कहा, इस बार का जेडीडब्लू अलग-अलग सोच और विषयों के मेल को दिखाता है, जहां कला, टेक्नोलॉजी और कहानी कहने का तरीका मिलकर डिजाइन को नए नजरिए से समझने में मदद करता है।
पूरे हफ्ते चले इस कार्यक्रम ने छात्रों, शिक्षकों और विशेषज्ञों के बीच मजबूत जुड़ाव बनाया। इसके समापन के साथ ही यह कार्यक्रम नए डिजाइनर्स और विचारकों के लिए एक मजबूत कम्युनिटी छोड़ गया, साथ ही समाज के लिए बेहतर और नए डिजाइन बनाने की प्रेरणा भी दी।
