डा० एम ए तोमर
मुजफ्फरनगर। व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम आगामी बजट को लेकर कर सुधारों से संबंधित सुझावों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से एडीएम न्यायिक को सौंपा।ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में कर ढांचे में किए गए सुधार सराहनीय हैं और कर दरें कम होने के बावजूद राजस्व में कमी नहीं आई है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।ज्ञापन में आयकर की सीमा 15 लाख तक पूर्ण कर मुक्त करने,कैपिटल गेन टैक्स कम करने,व्यापारियों व वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ देने,व्यापारियों के लिए क्रेडिट कार्ड, टोल टैक्स में राहत,टीडीएस विलंब पर दंड समाप्त करने,रेडीमेड कपड़ों पर जीएसटी 5 प्रतिशत करने,18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब समाप्त कर 10 प्रतिशत करने, गुड़ व मावा (खोया) को जीएसटी से मुक्त करने सहित कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।साथ ही जीएसटी अधिकारियों द्वारा व्यापारियों के उत्पीड़न को रोकने की मांग भी उठाई गई।व्यापारियों का कहना है कि इन सुझावों को लागू करने से निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा राजस्व में वृद्धि होगी।ज्ञापन सौंपने वालों में अशोक कंसल (वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष), श्याम सिंह सैनी (जिला महामंत्री),अजय सिंघल (महानगर अध्यक्ष),प्रवीण खेड़ा (महानगर महामंत्री), राकेश गर्ग,दिनेश बंसल,सुल खन सिंह नामधारी,बाबूराम मलिक,संजय मित्तल,पंकज शर्मा,अलका शर्मा,अनिल तायल,मनोज गुप्ता,अमित मित्तल,पंकज अपवेजा, विकास अग्रवाल,शोभित सिंघल,राम पाल सेन,हिमांशु कौशिक,शोभित गुप्ता,पंकज गोयल,अंजू शर्मा,रूपम शुक्ला,रोशनी पांचाल,अजय गुप्ता,प्रमोद अग्रवाल,अशोक छाबड़ा,पवन छाबड़ा,अभिजीत गम्भीर,अनीशा भटनागर,दिनेश गिरी,सविता, दिनेश गुप्ता,शिव कुमार संगल,दया शंकर शुक्ला आदि शामिल रहे।
मुजफ्फरनगर। व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम आगामी बजट को लेकर कर सुधारों से संबंधित सुझावों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से एडीएम न्यायिक को सौंपा।ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में कर ढांचे में किए गए सुधार सराहनीय हैं और कर दरें कम होने के बावजूद राजस्व में कमी नहीं आई है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।ज्ञापन में आयकर की सीमा 15 लाख तक पूर्ण कर मुक्त करने,कैपिटल गेन टैक्स कम करने,व्यापारियों व वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ देने,व्यापारियों के लिए क्रेडिट कार्ड, टोल टैक्स में राहत,टीडीएस विलंब पर दंड समाप्त करने,रेडीमेड कपड़ों पर जीएसटी 5 प्रतिशत करने,18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब समाप्त कर 10 प्रतिशत करने, गुड़ व मावा (खोया) को जीएसटी से मुक्त करने सहित कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।साथ ही जीएसटी अधिकारियों द्वारा व्यापारियों के उत्पीड़न को रोकने की मांग भी उठाई गई।व्यापारियों का कहना है कि इन सुझावों को लागू करने से निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा राजस्व में वृद्धि होगी।ज्ञापन सौंपने वालों में अशोक कंसल (वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष), श्याम सिंह सैनी (जिला महामंत्री),अजय सिंघल (महानगर अध्यक्ष),प्रवीण खेड़ा (महानगर महामंत्री), राकेश गर्ग,दिनेश बंसल,सुल खन सिंह नामधारी,बाबूराम मलिक,संजय मित्तल,पंकज शर्मा,अलका शर्मा,अनिल तायल,मनोज गुप्ता,अमित मित्तल,पंकज अपवेजा, विकास अग्रवाल,शोभित सिंघल,राम पाल सेन,हिमांशु कौशिक,शोभित गुप्ता,पंकज गोयल,अंजू शर्मा,रूपम शुक्ला,रोशनी पांचाल,अजय गुप्ता,प्रमोद अग्रवाल,अशोक छाबड़ा,पवन छाबड़ा,अभिजीत गम्भीर,अनीशा भटनागर,दिनेश गिरी,सविता, दिनेश गुप्ता,शिव कुमार संगल,दया शंकर शुक्ला आदि शामिल रहे।
