डा० एम ए तोमर
मुजफ्फरनगर। पति पर बिना सहमति दूसरा निकाह करने का आरोप लगाने वाली तरन्नुम के मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया जब समाजसेवी एवं राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष मनीष चौधरी पीड़ित पक्ष के साथ बुढ़ाना की मस्जिद के बाहर धरने पर बैठ गए।पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज़ समाजसेवी ने 9 दिसंबर से बेमियादी पंचायत की घोषणा की थी जिसके तहत उन्होंने मस्जिद परिसर में शांतिपूर्ण धरना शुरू किया।धरना शुरू होते ही जमीयत उलेमा-ए-हिंद के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और बातचीत का दौर चला।बुढ़ाना पुलिस भी मौके पर पहुंची।बाद में सभी पक्ष मदरसा जामिया दारूल फलाह में बैठक के लिए पहुंचे जहां जमीयत ने स्पष्ट किया कि फरमान ने दूसरे निकाह के बारे में गलत जानकारी दी थी और इस मामले में किसी मौलाना या मस्जिद की कोई भूमिका नहीं है।संगठन ने तरन्नुम को न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए विवाद के समाधान के लिए शनिवार तक का समय मांगा है।विदित हो कि शामली निवासी तरन्नुम की शादी वर्ष 2015 में मुजफ्फरनगर के गांव सांझक निवासी फरमान के साथ हुई थी।दंपति के तीन बच्चे हैं।तरन्नुम का आरोप है कि उसका पति बिना अनुमति बुढ़ाना में दूसरी शादी कर उसके साथ रह रहा है।इस संबंध में की गई शिकायत पर उचित कार्रवाई न मिलने के बाद ही तरन्नुम ने समाजसेवी मनीष चौधरी से मदद मांगी थी।मनीष चौधरी ने बताया कि समाज के जिम्मेदार लोगों ने पीड़िता की पीड़ा समझते हुए न्याय दिलाने का भरोसा दिया है जिसके बाद उन्होंने शनिवार तक आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।उन्होंने कहा कि यदि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो संस्था कानूनी लड़ाई लड़ेगी।बैठक में भारत लोक सेवा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केपी चौधरी,मोहम्मद आरिफ,शहजाद,नौशाद,फिरोज,फरीद,
