हरिद्वार। शांतिकुंज में गायत्री विद्यापीठ के बच्चों के लिए आयोजित भारतीय भाषा समर कैम्प का आज समापन हो गया।कैम्प के अंतिम सत्र के अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ।इसका शुभारंभ गायत्री विद्यापीठ की व्यवस्था मंडल की प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने दीप प्रज्वलित कर किया।इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों,लघु नाटिकाओं,नृत्य एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों एवं अतिथियों का मन मोह लिया।इस अवसर पर श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास,आत्मविश्वास और सृजनात्मक प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा समर कैम्प का उद्देश्य बच्चों को अपनी भाषा,संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ते हुए उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करना है।उन्होंने सभी प्रतिभागियों,शिक्षकों एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इससे पूर्व कार्यक्रम का आरंभ गणेश वंदना से हुआ,जिसमें बच्चों ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से अपनी प्रस्तुति दी।इसके पश्चात जीवन विद्या पर आधारित एक प्रेरणादायी नाटिका का मंचन किया गया।नाटिका के माध्यम से बच्चों ने जीवन में संस्कार,अनुशासन,सदाचार एवं मानवीय मूल्यों के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नन्हें कलाकारों के अभिनय,संवाद शैली और आत्मविश्वास ने दर्शकों को प्रभावित किया।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शृंखला में छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कत्थक नृत्य विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा।पारंपरिक वेशभूषा और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत नृत्य ने सभी का मन जीत लिया।इसके अलावा संस्कृत संभाषण कार्यक्रम में बच्चों ने सहज एवं शुद्ध संस्कृत भाषा में संवाद प्रस्तुत कर अपनी भाषायी दक्षता का परिचय दिया।नैतिक शिक्षा पर आधारित प्रस्तुति में बच्चों ईमानदारी,सहयोग,सेवा और सद्व्यवहार जैसे गुणों का महत्व बताया।राजस्थानी समूह नृत्य ने कार्यक्रम में लोक संस्कृति की रंगत घोल दी।रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे बच्चों ने लोकगीतों की धुन पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया।वहीं चित्रकला एवं यातायात नियमों विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने रचनात्मकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया।इसमें कक्षा तीन से लेकर 11तक के 34छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।कार्यक्रम के अंत में समर कैम्प में सहभागिता करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
