डा० एम ए तोमर
मुजफ्फरनगर/पंचकुला। उद्यमी एवं प्रेरक वक्ता एमके भाटिया ने एक कॉर्पोरेट बैठक में युवाओं और टीम सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्हें प्रोफेशनल ग्रोथ और बेहतर कार्यसंस्कृति के लिए महत्वपूर्ण मूल्यों की सीख दी।इस दौरान उन्होंने युवाओं को जीवन और करियर में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन,सम्मान और सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए एमके भाटिया ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन और करियर में सीनियर बनना चाहता है तो सबसे पहले उसे अपने सीनियर्स का सम्मान करना सीखना चाहिए।उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन में अनुभव और वरिष्ठता का विशेष महत्व होता है और जो लोग अपने वरिष्ठों का आदर करते हैं वे ही आगे चलकर बेहतर नेतृत्वकर्ता बनते हैं।इस अवसर पर उन्होंने कॉर्पोरेट वर्ल्ड में “SHRI” शब्द की एक नई परिभाषा भी प्रस्तुत की।उन्होंने बताया कि “SHRI” शब्द का प्रयोग भगवान और सम्मानित व्यक्तियों के नाम के साथ किया जाता है जो सम्मान,गरिमा और आदर का प्रतीक है।
उन्होंने युवाओं के लिए “SHRI फ़ॉर्मूला” प्रस्तुत करते हुए बताया कि—S–Senior (सीनियर)
H–Honour (सम्मान देना),R–Respect (आदर रखना),I–Important (महत्व समझना)।एमके भाटिया ने कहा कि यह फ़ॉर्मूला युवाओं को सिखाता है कि वे अपने सीनियर्स का सम्मान करें, संबंधों के महत्व को समझें और संगठन की व्यवस्था व अनुभव की कद्र करें।उन्होंने कहा कि जिस संगठन में वरिष्ठों का सम्मान और आपसी विश्वास मजबूत होता है वहां सफलता भी सुनिश्चित होती है।उन्होंने यह भी कहा कि सीनियर्स की भी जिम्मेदारी होती है कि वे सही हायरार्की और अच्छे रिश्तों को बनाए रखें क्योंकि मजबूत रिश्ते ही किसी भी संगठन की असली ताकत होते हैं।अंत में एमके भाटिया ने युवाओं को संदेश दिया कि सम्मान,अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ ही सफलता की सच्ची राह बनती है जो उनकी “Pura-Pura Philosophy” का भी मूल सिद्धांत है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *