अजीम अख्तर
दैनिक मानव जगत
सहारनपुर। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले की कोशिश पूरी तरह नाकाम हो गई। सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) की गहन जांच में साफ हो गया है कि पत्रकार साजिद सलमानी और अब्दुल खालिद पर लगे ‘फर्जी जेई बनकर अवैध वसूली’ के आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत और बदले की भावना से प्रेरित थे।
अवैध निर्माणकर्ता सलीम अहमद ने पुराना कलसिया रोड, बाबर की कॉलोनी में 150 वर्ग मीटर पर बिना मैप पास कराए निर्माण किया। SDA ने 13 अक्टूबर 2025 को इसे सील कर दिया।
पत्रकार अब्दुल खालिद ने 30 दिसंबर 2025 को IGRS शिकायत दर्ज की कि सील तोड़कर वहां आरा मशीन चला रहा है। 17 फरवरी 2026 के निरीक्षण में शिकायत पूरी तरह सही पाई गई।
अपनी गैरकानूनी गतिविधियों पर शिकंजा कसता देख सलीम अहमद ने पुनः सील से बचने के लिए 9 मार्च 2026 को पत्रकारों पर झूठा आरोप लगाया। SDA सचिव की जांच में कोई सबूत नहीं मिला। यह स्पष्ट बदले की कार्रवाई थी।
अब SDA सचिव ने SSP से कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों के खिलाफ दर्ज FIR में फाइनल रिपोर्ट लगने की संभावना मजबूत है। वहीं सलीम अहमद के खिलाफ अवैध निर्माण, सील तोड़ने और प्रशासन को गुमराह करने के गंभीर आरोपों में सख्त कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने की तैयारी है।
सच की जीत हुई। पत्रकारिता की आवाज दबाने की कोशिश विफल रही।
