हरिद्वार। उत्तर भारत में पहली बार देवसंस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार में हैशटैग शांतिकुंज का लोकार्पण समारोह भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। देवदीपावली के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारम्भ महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद जी महाराज,देसंविवि के प्रतिकुलपति युवा आइकॉन डॉ.चिन्मय पण्ड्या,रुबल नागी आर्ट फाउण्डेशन,मुंबई की संस्थापिका श्रीमती रुबल नागी,गायत्री विद्यापीठ की प्रबंधिका श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए देसंविवि के प्रतिकुलपति युवा आइकॉन डॉ.चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि हैशटैग शांतिकुंज के माध्यम से युवा पीढ़ी में सृजनात्मकता ,सकारात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहन मिलेगा।उन्होंने कहा कि यह पहल समाज के नैतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक सार्थक कदम है।उन्होंने कहा कि शांतिकुंज एक कारखाना की तरह है,जहां साधकों में आत्मिक उर्जा का संचार कर नये रूपों मे विकसित किया जाता है। इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंदजी महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति का उद्घोष सर्वे भवन्तु सुखिन के भाव को जन जन के विचारों में उतारना है। हैशटैग का यह अभियान अध्यात्म और आधुनिक तकनीक के संगम का सुंदर उदाहरण है,जो देशभर में प्रेरणास्रोत बनेगा। सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि शांतिकुंज सदैव समाज में सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र रहा है और हैशटैग शांतिकुंज इस दिशा में एक नया आयाम जोड़ेगा। गायत्री विद्यापीठ की प्रबंधिका श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने कहा कि यह पहल युवाओं को नैतिकता,सेवा भावना और रचनात्मकता की दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रेरित करेगी। युगऋषि पं श्रीराम शर्मा जी ने कई दशक पहले भविष्यवाणी की थी कि 21वीं सदी नारी सदी होगा,जो अब चरितार्थ होते दिखाई दे रहा है।इससे पूर्व रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन,मुंबई की संस्थापिका व जाने माने कलाकार श्रीमती रूबल नागी ने कहा कि कला और सेवा के माध्यम से समाज सुधार का यह प्रयास प्रेरणादायक है और युवाओं को समाज परिवर्तन की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा। ज्ञात हो कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय उत्तर भारत का पहला ऐसा संस्थान है,जिसने हैशटैग शांतिकुंज की पहल की है।लोकार्पण कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद जी महाराज,सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत,श्रीमती रूबल नागी,व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि,कुलसचिव बलदाउ देवांगन सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। अखण्ड दीपक संदर्शिका स्मारिका का विमोचन किया। वहीं डॉ.चिन्मय पण्ड्या व श्रीमती पण्ड्या ने अतिथियों को रुद्राक्ष की माला,देसंविवि की प्रतीक चिह्न आदि भेंटकर सम्मानित किया।शांतिकुंज एक सोशल मीडिया हैशटैग है,इसका उपयोग हरिद्वार में स्थित आध्यात्मिक केंद्र और अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय के बारे में पोस्ट साझा करने के लिए किया जायेगा। अखिल विश्व गायत्री परिवार से संबंधित पोस्ट यह हैशटैग अखिल विश्व गायत्री परिवार से संबंधित सभी गतिविधियों जैसे कि इसके सिद्धांतों और युग निर्माण योजना के बारे में जानकारी साझा करने के लिए एक मंच है। विशिष्ट अतिथिलोकार्पण समारोह में भारत के कोने-कोने से साधकों सहित योगा फाउंडेशन इटली की डॉ रोजी के नेतृत्व में आए 40योग साधकों ने विशेष रूप से भाग लिया।इस दौरान अतिथियों ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण कर यहाँ चल रहे विविध प्रशिक्षण,अनुसंधान एवं सामाजिक जागरण से जुड़े विविध कार्यक्रमों को देखा और प्रतिकुलपति से भेंट की।मेहमानों को प्रतिकुलपति डॉ.पंड्या ने विश्वविद्यालय की स्थापना उद्देश्य,विशेष शैक्षणिक पद्धति तथा व्यक्तित्व निर्माण पर आधारित समग्र शिक्षा प्रणाली की जानकारी दी और देसंविवि का प्रतीक चिह्न आदि भेंटकर सम्मानित किया।

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