डा० एम ए तोमर
मुजफ्फरनगर। होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज जड़ौदा के सभागार में मंगलवार को विद्यार्थियों के लिए ‘बाल साहित्य लेखन कार्यशाला’ का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ साहित्यकार डॉ. कुबेरदत्त कौशिक, डॉ. अ. कीर्तिवर्धन अग्रवाल,रामकुमार रागी, पंकज शर्मा एवं प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।कार्यशाला में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को लेखन के प्रति प्रेरित करते हुए बताया कि अपने मन के भावों को कागज पर उतारना ही सृजन की पहली सीढ़ी है।डॉ. कीर्तिवर्धन अग्रवाल ने कहा कि नियमित रूप से सुनना,लिखना और पढ़ना लेखन क्षमता को विकसित करता है।उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि प्रकृति और दैनिक जीवन की छोटी-छोटी घटनाएं भी कविता और कहानी का आधार बन सकती हैं।डॉ. कुबेरदत्त कौशिक ने साहित्य को समाज का सबसे बड़ा सुधारक बताते हुए कहा कि लेखन में संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि वे अपने अनुभवों को लिखना शुरू करें तो वही आगे चलकर संस्मरण और कहानी का रूप ले सकता है।पंकज शर्मा ने लेखन की शैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थी लयबद्ध और मुक्त दोनों प्रकार से लेखन कर सकते हैं। वहीं रामकुमार रागी ने कहा कि मन में उठने वाले विचारों को तुरंत शब्दों में ढालना चाहिए, क्योंकि वही सच्चा साहित्य बनता है।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी अपने विचार और रचनाएं प्रस्तुत कर प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अंत में प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में रजनी शर्मा,धीरज बालियान,पी.के. मिश्रा, रूपेश कुमार और जितेंद्र कुमार का विशेष सहयोग रहा।

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