डा० एम ए तोमर
मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुजफ्फरनगर लोकसभा सांसद हरेंद्र मलिक ने प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश सरकार को गन्ना भुगतान और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरते हुए तीखा हमला बोला।उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ‘24 घंटे में गन्ना भुगतान’ योजना का स्वागत करते हुए इसे किसान हित में बड़ा कदम बताया।सांसद ने कहा कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर किसानों को गन्ने की तुलाई के 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव द्वारा ‘विजन इंडिया’ अभियान के तहत 15,000 करोड़ रुपये के किसान रिवॉल्विंग फंड की घोषणा की गई है जिससे चीनी मिलों की भुगतान देरी खत्म होगी और किसानों के खातों में सीधे धनराशि पहुंचेगी।इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कहा कि किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसले समाजवादी सरकार में ही लिए गए।गन्ना भुगतान को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने और खड़े कोल्हू के लाइसेंस समाप्त करने जैसे निर्णय उसी दौर में हुए थे।कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सांसद ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि सर्राफा बाजार क्षेत्र में एक फल विक्रेता की निजी भूमि पर जबरन चेक पोस्ट बनाने का प्रयास किया जा रहा है जो गलत है।उन्होंने मांग की कि चेक पोस्ट के लिए केवल मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) से स्वीकृत भूमि का ही उपयोग किया जाए।साथ ही उन्होंने राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि एक मामले में दोषी युवकों को छुड़वा दिया गया जबकि निर्दोष व्यक्ति को जेल भेज दिया गया।यह जानकारी उन्हें एक पीड़ित महिला द्वारा दी गई है।बिजली व्यवस्था पर बोलते हुए सांसद ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेशभर में जनता में आक्रोश है।उन्होंने दावा किया कि 2027 में सपा सरकार बनने पर स्मार्ट मीटर की बाध्यता समाप्त कर दी जाएगी और 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना लागू की जाएगी।अंत में उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है जो भाजपा के खिलाफ जनता के रुझान को दर्शाता है।प्रेस वार्ता मे जिलाध्यक्ष जिया चौधरी,राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा,महानगर अध्यक्ष पुष्पेंद्र त्यागी उर्फ़ बॉबी त्यागी, जिला महासचिव सोमपाल कोरी,किसान नेता रामकिशोर शर्मा,इमलाक प्रधान आदि मौजूद रहे।
