13 महीने की सुनवाई, 12 गवाहों की गवाही के बाद एडीजे-12 अदालत का बड़ा फैसला

अभिमन्यु वालिया
सहारनपुर/मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चर्चित सर्पदंश हत्याकांड में शुक्रवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मृतक अमित कश्यप की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। मेरठ की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया। आरोप था कि अमित की गला घोंटकर हत्या करने के बाद वारदात को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की साजिश रची गई थी।
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बिस्तर पर मिला था शव, नीचे था जिंदा सांप
मामला मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। 13 अप्रैल 2025 को अमित कश्यप उर्फ मिक्की का शव उसके बिस्तर पर मिला था। शव के नीचे जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप मिलने से शुरुआत में मामला सर्पदंश का प्रतीत हुआ। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना सामने आया। चिकित्सकीय जांच में गर्दन की हड्डी और थायरॉइड कार्टिलेज क्षतिग्रस्त होने की बात भी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की।
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प्रेम संबंधों में बाधा बन रहा था अमित
पुलिस जांच और अभियोजन के अनुसार, रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध थे। अमित को इसकी जानकारी होने और विरोध करने के बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप था कि 12 अप्रैल 2025 की रात अमित की गला घोंटकर हत्या की गई और घटना को प्राकृतिक मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया।
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एक हजार रुपये में खरीदा था सांप
जांच में सामने आया कि अमरदीप ने कथित तौर पर एक सपेरे से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। पुलिस ने मोबाइल फोन रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों समेत अन्य साक्ष्य जुटाए। अमित के भाई मोनू कश्यप की शिकायत के बाद मामले में कार्रवाई आगे बढ़ी। पुलिस ने जांच पूरी कर 26 जून 2025 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।
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12 गवाहों की गवाही बनी अहम आधार
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह पेश किए। इनमें मृतक के परिजन, चिकित्सक, सपेरे और पुलिसकर्मी शामिल थे। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहियों पर विचार करने के बाद दोनों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया।
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नीला ड्रम कांड के बाद फिर चर्चा में मेरठ

मेरठ में यह फैसला ऐसे समय आया है, जब दो दिन पहले ही चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को भी मृत्युदंड सुनाया गया था। सर्पदंश हत्याकांड के फैसले के बाद एक बार फिर जिले में चर्चित आपराधिक मामलों और न्यायिक कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है

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