सहारनपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की संगोष्ठी में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने यूरोलाॅजी की रोबोटिक तकनीक व डायबिटिक रेटिनोपैथी के उपचार के बारे में जानकारी प्रदान की। संगोष्ठी में आईएमए परिवार के होनहार बच्चों को भी सम्मानित किया गया।
स्थानीय हकीकत नगर स्थित आईएमए भवन में आयोजित मासिक संगोष्ठी का शुभारंभ सचिव डॉ. नीरज आर्य, वैज्ञानिक सचिव डॉ.कलीम अहमद ने वक्ताओं के परिचय से कराया। संगोष्ठी में फोर्टिस मोहाली के यूरोलाॅजी विशेषज्ञ डॉ.रोहित दाधवाल ने कहा कि यूरोलॉजी में रोबोटिक और रेज़ुम नई तकनीक है, इसमें बिना चीरा लगाए केवल पानी की भांप से गदूद को हटा दिया जाता है। जिससे मरीज को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है। उन्होंने कहा कि 70 साल के उम्र के 70 प्रतिशत आदमी गदूद बढ़ने की समस्या का सामना करते है।
डॉ.रोहन मेहरा ने डायबिटिक रेटिनोपैथी के इलाज के बारे में बताया कि जिन मरीजों में दस साल से ज्यादा पुरानी शुगर की बीमारी हैं उन्हें साल में एक बार आंखों की जांच जरूर करवानी चाहिए, जिससे डायबिटीक रेटिनोपैथी को स्टेज 1 में ही कंट्रोल किया जा सकें।
आईएमए पत्रिका के संपादक डॉ.अरुण अनेजा, डॉ.रिचा तिवारी, डॉ.शिप्रा तिवारी ने मासिक पत्रिका को जारी किया। संगोष्ठी में आईएमए परिवार के छात्र सोहम ठक्कर एवम मनन आर्या को ओलम्पियाड में प्रथम स्थान, दिव्यांश सहगल को राष्ट्रीय शूटिंग प्रतिस्पर्धा में चयन, रितिज्ञा मलिक, आदित्य खन्ना को मेडिकल में सलेक्शन, शनाया जोशी को कलाम क्विज में प्रथम स्थान और सृष्टि सहगल को आईसीएसई बोर्ड में टॉप करने के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डा. पूनम मखीजा, डॉ.सीमा अग्रवाल, डॉ.विनीता मल्होत्रा, डॉ.रवि ठक्कर, डॉ.वंदना आर्य, डॉ.सुभाष सहगल, डॉ.रेणु शर्मा, डॉ.विजय अग्रवाल, डॉ.प्रशांत खन्ना,डॉ.संजीव अग्रवाल, डॉ.राकेश पांडे, डॉ.डीके तिवारी, डॉ.आनन्द वर्धन, डॉ.सत्यानन्द साथी, डॉ.रविकान्त निरंकारी, डॉ.राजेश गुप्ता, डॉ.सुशील शर्मा, डॉ.रिक्की चैधरी, डॉ.अंशुल गुप्ता, डॉ.महेश गोयल, डॉ.रूपम गुप्ता आदि मौजूद रहे।
