सहारनपुर। घसीटू महाराज फुलवारी आश्रम स्थित श्री ठाकुर महाराज फुलवारी आश्रम चैरिटेबल ट्रस्ट के संरक्षण में संचालित व्यायामशाला (अखाड़े) में आज पारंपरिक तरीके से अखाड़े की मिट्टी तैयार करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरु जगमोहन भारद्वाज के नेतृत्व में अखाड़े की मिट्टी में 50 किलो हल्दी, 75 किलो सरसों का तेल और 5 क्विंटल मट्ठा मिलाया गया। गुरु जगमोहन भारद्वाज ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि अखाड़े की मिट्टी में हल्दी, तेल और मट्ठा मिलाने का उद्देश्य मिट्टी को मुलायम और अभ्यास के लिए अनुकूल बनाना है। उनका कहना है कि जब पहलवान कुश्ती का अभ्यास करते हैं तो कई बार शरीर पर खरोंच या हल्की चोट लग जाती है। ऐसी स्थिति में हल्दी, तेल और मट्ठे से तैयार मिट्टी लाभदायक मानी जाती है तथा त्वचा को भी फायदा पहुंचाती है।
अखाड़े के खलीफा संदीप ने बताया कि हल्दी को प्राकृतिक रूप से लाभकारी माना जाता है। उन्होंने कहा कि अखाड़े में हल्दी, तेल और मट्ठा डालने से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और पहलवानों को अभ्यास के दौरान अधिक सुविधा मिलती है। उनके अनुसार यह परंपरा लगभग 500 वर्षों से चली आ रही है और आज भी उसी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।आधार खलीफा ने बताया कि इस प्रक्रिया से मिट्टी अधिक महीन और मुलायम हो जाती है। उनका कहना है कि इससे अभ्यास करने वाले बच्चों को रगड़ या मामूली चोट लगने पर राहत मिलती है तथा त्वचा संबंधी समस्याओं से बचाव में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को पारंपरिक कुश्ती से जोड़ने और अखाड़े के प्रति उनका उत्साह बढ़ाने का काम करते हैं। इस दौरान खलीफा विजय, आधार, मन्नी, विशु, संदीप, विक्की पालीवाल,कुणाल, सनी, रजत और सानू प्रदीप शर्मा,मुकेश गिरी सहित अन्य पहलवान मौजूद रहे।
