हरिद्वार। पुस्तकों का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है।पुस्तकों में अपार ज्ञान समाहित है ।आज के आधुनिक युग में भी पुस्तकों के महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। यह उद्गार गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष डा.मदनलाल जाट ने केन्द्रीय पुस्तकालय के सभागार में आयोजित डा.एस.आर.रंगनाथन के 134वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों व छात्रों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि डा.रंगनाथन के द्वारा पुस्तकालय के क्षेत्र में किए गए अमूल्य योगदान को याद करने का यह अवसर है।हम सभी को पुस्तकालय के क्षेत्र में डा.रंगनाथन द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल पुस्तकालय के क्षेत्र में आने वाले पाठकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना डा.रंगनाथन के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगा।ऋषि हुड विश्वविद्यालय सोनीपत,हरियाणा के पुस्तकालयाध्यक्ष डा.रामानन्द मालवीय ने ऑनलाइन संबोधित करते हुए कर्मचारियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पुस्तकालय के कर्मचारियों का अमूल्य योगदान है।वह शिक्षकों व छात्रों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में एक सेतु का कार्य कर उन्हें उनकी आवश्यकतानुसार पुस्तकें उपलब्ध करा उनके शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करते हैं।केन्द्रीय पुस्तकालय के समीर राणा ने डा.रंगनाथन द्वारा दिए गए पुस्तकालय के पाँचों नियमों को सभी कर्मचारी अनुपालन करें तो वे अपने दायित्वों को बखूबी निभा सकते हैं।इस दौरान जनसंपर्क अधिकारी डॉ.शिव कुमार चौहान,डॉ.उधम सिंह,कुलभूषण शर्मा,हेमन्त सिंह नेगी,बिजेन्द्र सिंह, सत्यदेव,मनोज मिश्रा एवं विकास ने अपने-अपने विचार प्रकट किए।इस मौके पर पुस्तकालय के सभी कर्मचारी उपस्थित रहें।
