हरिद्वार। नगर निगम के बहुचर्चित 54 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले में अब विजिलेंस ने पूरी ताकत झोंक दी है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद शुक्रवार सुबह विजिलेंस की टीमों ने देहरादून,दिल्ली,लखनऊ,कनखल(हरिद्वार) और रुद्रप्रयाग समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर सनसनी फैला दी।कार्रवाई घोटाले से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के ठिकानों पर की जा रही है।मामले में आईएएस अधिकारी समेत सभी 10आरोपियों के खिलाफ विजिलेंस सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज होने के बाद दिल्ली,लखनऊ,देहरादून,ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार सहित कुल 11आवासों और कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी की गई।जांच के दौरान विजिलेंस की टीम ने विभिन्न स्थानों पर दस्तावेजों की गहन पड़ताल की।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,कई ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए गए हैं,जिनकी जांच की जा रही है।उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में पूर्व जिलाधिकारी हरिद्वार के खिलाफ वृहद दंड तथा तत्कालीन नगर आयुक्त रहे आईएएस वरुण चौधरी को सेवा से बर्खास्त करने की संस्तुति पहले ही की जा चुकी थी।अब मुकदमा दर्ज होने के बाद विजिलेंस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपियों के ठिकानों पर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार,जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।नगर निगम भूमि घोटाले में विजिलेंस की इस व्यापक कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।इससे पहले गुरुवार को विजिलेंस ने मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच को निर्णायक मोड़ दे दिया था।अब छापेमारी के जरिए उन दस्तावेजों और साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है,जिनके आधार पर पूरे घोटाले की परतें खुल सकती हैं।सूत्रों के अनुसार विजिलेंस की अलग-अलग टीमें जमीन खरीद,भुगतान,फाइलों की स्वीकृति,बैंक लेनदेन और संपत्ति से जुड़े अभिलेखों की जांच कर रही हैं।कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी कब्जे में लिए जाने की सूचना है।माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
