हरिद्वार। हरिपुरकलां स्थित हरिसेवा आश्रम के वार्षिकोत्सव एवं श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है।उन्होंने संत समाज को राष्ट्र और समाज का पथप्रदर्शक बताते हुए कहा कि संतों के आशीर्वाद से ही सनातन की ध्वजा विश्वभर में लहरा रही है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बताते हुए वर्ष 2027 के अर्धकुंभ को भी कुंभ की भव्यता के अनुरूप आयोजित करने तथा देवभूमि के देवत्व की हर कीमत पर रक्षा करने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशाल संत सम्मेलन में शामिल होकर पूज्य संत-महात्माओं का अभिनंदन किया।आश्रम द्वारा किए जा रहे सेवा,संस्कार एवं समाज जागरण के कार्यों की सराहना की।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना,नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने संत समाज को भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना का संवाहक बताते हुए कहा कि इतिहास में संतों एवं मनीषियों ने समाज को मार्गदर्शन देने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में संत समाज का योगदान अतुलनीय है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए युग का साक्षी बन रहा है।अयोध्या में श्रीराम मंदिर,काशी विश्वनाथ धाम,महाकाल लोक तथा केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे कार्य भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक अस्मिता,आध्यात्मिक पहचान एवं सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है।इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून,समान नागरिक संहिता तथा भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए गए हैं।उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है,जहां भारतीय दर्शन,संस्कृति एवं सभ्यता पर उच्च स्तरीय अध्ययन एवं शोध कार्य किए जाएंगे। हरिद्वार में प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना की जा रही है।मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिचेतानन्द जी महाराज का आभार व्यक्त करते हुए संत समाज से राज्य एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह किया।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को अवश्य पूर्ण किया जाएगा।इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक ,विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूरी भूषण,कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज,प्रदीप बत्रा के अलावा बड़ी संख्या में संतगण एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।
