हरिद्वार। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान,मोदीपुरम ने भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान,देहरादून के साथ मिलकर“ट्रू वैल्यू अकाउंटिंग मेकिंग द इकोनॉमिक केस फॉर ट्रांसफॉर्मेशन इन इंडिया”(टीईईबी एग्रीफूड) प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक विशेष संवादात्मक सत्र का आयोजन रामनगर (मंगलौर) में किया।प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन हेतु साइट चयन और संतुलित उर्वरक प्रबंधन पर केंद्रित यह कार्यक्रम रामनगर (मंगलौर) में आयोजित किया गया।इस संवाद सत्र में मुख्य रूप से झबरेड़ा,सुसाड़ा,टिकोला कलां,शेरपुर,लेखनहेटा,तसीपुर और रुड़की सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 40किसानों सहित कुल 50से अधिक प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भा.कृ.अनु.प.-आई.आई.एफ.एस.आर.से आए वैज्ञानिकों डॉ.राघवेन्द्र के.जे.,डॉ.हिमांशु बरगाली एवं डॉ.ऋषभ जग्गी ने टीईईबी एग्री फूड प्रोजेक्ट के आगामी चरणों की विस्तृत जानकारी साझा की।उन्होंने बताया कि साइट चयन की प्रक्रिया में मृदा स्वास्थ्य,जल संसाधन और स्थानीय कृषि प्रणालियों की स्थिति को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। देहरादून से आए वैज्ञानिक डॉ.रमनजीत सिंह एवं डॉ.अभिमन्यु ने साइट चयन के तकनीकी पहलुओं और संतुलित उर्वरक प्रबंधन पर जोर दिया।उन्होंने किसानों को बताया कि उर्वरकों का संतुलित उपयोग न केवल खेती की लागत को कम करता है,बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। इस आयोजन से क्षेत्र के किसानों में वैज्ञानिक खेती और मृदा संरक्षण के प्रति नई जागरूकता देखने को मिली।
