सहारनपुर। प्रशासन ने ओवरलोड और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक विशेष अभियान चलाया। जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान के निर्देशों पर आरटीओ विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर सघन चेकिंग कर कार्रयवाही की।

इस अभियान में मंडल स्तर पर तैनात आरटीओ प्रवर्तन मनोज सिंह का मार्गदर्शन प्राप्त रहा, जबकि मौके पर टीम का नेतृत्व एआरटीओ (प्रवर्तन) एमपी सिंह ने संभाला। अभियान में पीटीओ अनिल तिवारी, (प्रवर्तन) पर्यवेक्षक मथुरा दत्त पांडे, एवं अश्वनी टीम के साथ मिलकर गागलहेड़ी, जनता रोड, देहात कोतवाली और दिल्ली रोड सहित कई क्षेत्रों में कार्रवाही की।इस दौरान चुनहेटी फाटक, नगर निगम पार्किंग और कोतवाली देहात थाना परिसर में चार वाहनों को निरुद्ध किया गया, जबकि चार वाहनों का चालान किया गया। इन वाहनों पर 4 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना अधिरोपित किया गया।अभियान के दौरान हर संदिग्ध वाहन की गहन जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कार्रयवाही की गई। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सड़क पर कानून तोड़ने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

लघु फिल्म प्रतियोगिता के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित

लघु फिल्म की अवधि न्यूनतम 3 मिनट और अधिकतम 10 मिनट होगी

30 जून तक भेजी जा सकेंगी प्रविष्टियाँ

सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए प्रथम पुरस्कार दो लाख, द्वितीय के लिए डेढ एवं तृतीय के लिए एक लाख तथा सांत्वना के लिए 50 हजार का मिलेगा पुरस्कार

सहारनपुर। भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनआईआईआरसी) ने वर्ष 2015 में मानवाधिकारों पर लघु फिल्म प्रतियोगिता शुरू की थी। वर्ष 2026 में होने वाले इसके 12वें संस्करण के लिए आयोग ने देश के सभी आयु वर्ग के नागरिकों से ऑनलाइन प्रविष्टियाँ आमंत्रित की हैं।

जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि प्रथम, द्वितीय और तृतीय सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए पुरस्कार राशि क्रमशः 2 लाख रुपये, 1 लाख 50 हजार रुपये और 1 लाख रुपये होगी। आयोग, तीन नकद पुरस्कारों, प्रमाण पत्र और ट्राफियों के अतिरिक्त, अधिकतम चार फिल्मों को 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार के साथ विशेष उल्लेख प्रमाण पत्र देने पर भी विचार कर सकता है, यदि आयोग द्वारा इसकी अनुशंसा की जाती है। अरविंद कुमार चैहान ने बताया कि लघु फिल्में हिंदी या किसी भी भारतीय भाषा में हो सकती हैं, जिनमें अंग्रेजी उपशीर्षक हों। लघु फिल्म की अवधि न्यूनतम 3 मिनट और अधिकतम 10 मिनट होनी चाहिए। प्रविष्टियाँ प्राप्त करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 है। प्रविष्टियाँ गूगल ड्राइव का उपयोग करके ऑनलाइन भेजी जानी चाहिए। जिले के विभिन्न संस्थान, विश्वविद्यालय, कॉलेज, नागरिक समाज, गैर सरकारी संगठन, ग्राम पंचायत आदि इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करें ताकि मानवाधिकार संस्कृति और संवेदनशीलता लाने की इस नागरिक केंद्रित पहल में लोगों की अधिकतम भागीदारी हो सके।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *