हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 को लेकर समूचे मेला क्षेत्र में अवस्थापना से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य तेजी से जारी हैं। इन कार्यों को आगामी अक्टूबर माह तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ग्राउंड जीरो पर उतरकर इन महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की निरंतर निगरानी में जुटी हैं। मेलाधिकारी द्वारा सभी कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखे जाने की व्यवस्था भी की गई है,जिसके लिए ऑनलाइन निगरानी के साथ ही अधिकारियों की टीमों द्वारा नियमित रूप से कार्यस्थलों पर जाकर निरीक्षण किया जा रहा है। निर्माण कार्यों की प्रगति की पड़ताल करने की मुहिम के तहत मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने सोमवार को सीसीआर-2भवन के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया।उन्होंने अत्याधुनिक सुविधाओं एवं उपकरणों से सुसज्जित कुंभ मेला के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के संचालन के लिए बनाए जा रहे इस भवन के निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण कार्य तय टाइमलाइन के अनुसार संपन्न कराया जाए। उन्होंने तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि स्नान पर्वों एवं सप्ताहांत में इस क्षेत्र में अधिक भीड़भाड़ होने के कारण वाहनों के आवागमन में प्रतिबंध से निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए मौके पर पहले से ही पर्याप्त मात्रा में निर्माण सामग्री का भंडारण किया जाए तथा संसाधनों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।मेलाधिकारी ने भवन की नींव के कार्य का बारीकी से निरीक्षण करते हुए कहा कि शीर्ष तल पर हेलीपैड की सुविधा वाले इस भवन के निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानदंडों का गंभीरता से अनुपालन किया जाए। मेलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था, उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के अधिकारियों को कार्यस्थल पर मौजूद रहकर निर्माण कार्य की निरंतर निगरानी करने तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का नियमानुसार परीक्षण कराए जाने के निर्देश दिए।मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला 2027 में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के विकास एवं विस्तार के लिए लगभग तीन दर्जन योजनाओं पर कार्य चल रहा है।सभी कार्यों को पूरा करने के लिए आगामी 31अक्टूबर की डेडलाइन तय की गई है।उन्होंने कहा कि कार्यों के संपादन में शिथिलता एवं गुणवत्ता में कमी पाए जाने के मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा।निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती एवं उप मेलाधिकारी मंजीत सिंह गिल के साथ ही मेला प्रशासन,तकनीकी सेल और कार्यदायी संस्था,निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

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