हरिद्वार। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने जनपद भ्रमण के दौरान हाइवे स्थित एक होटल में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक कदम है,जो महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन सुना।इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण देने का विषय पिछले चार दशकों से चर्चा में रहा है।वर्ष 2010 में यह विधेयक राज्यसभा से पारित भी हुआ,लेकिन लोकसभा में लंबित रह गया था।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगामी 16 से 18अप्रैल तक आयोजित होने वाला विशेष संसद सत्र नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में अत्यंत ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है।यह सत्र महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नए अध्याय का प्रतीक होगा।उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।इससे महिलाएं न केवल नीति निर्माण में भाग लेंगी,बल्कि निर्णय लेने में भी अग्रणी भूमिका निभाएंगी। इस कानून से नीतियां अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेंगी तथा महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी। यह नई पीढ़ी की बेटियों को नेतृत्व के लिए प्रेरित करेगा और समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करेगा।उन्होंने कहा कि अब नारी केवल अपेक्षा करने वाली नहीं,बल्कि निर्णय लेने वाली और समाज को दिशा देने वाली सशक्त शक्ति के रूप में उभर रही है।“जहाँ नारी का सम्मान होता है,वहाँ देवताओं का वास होता है,”इस विचार को आत्मसात करते हुए समाज में नारी सशक्तिकरण को लेकर जागरूकता निरंतर बढ़ रही है।वार्ता के दौरान राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि,भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रीता चमोली, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा,जिला उपाध्यक्ष भाजपा लव शर्मा, एवं नीतीश वालिया सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
